प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ₹351.03 करोड़ का IPO आज, 7 सितंबर से खुल रहा है। यह 9 सितंबर को बंद होगा। IPO खुलने से पहले कंपनी ने 9 एंकर निवेशकों से ₹84.2 करोड़ जुटाए। इन निवेशकों में गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स (मॉरिशस), ITI म्यूचुअल फंड और टॉरस म्यूचुअल फंड जैसे नाम शामिल हैं। एंकर निवेशकों को 67.94 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए। इश्यू में ₹315.60 करोड़ के 2.55 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹35.43 करोड़ के 28.57 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहेगा।
IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹118-₹124 प्रति शेयर है। लॉट साइज 120 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। प्रणव कंस्ट्रक्शंस लिमिटेड एक रियल एस्टेट कंपनी है, जो मुख्य रूप से म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (MCGM) क्षेत्र में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। इसका खास फोकस वेस्टर्न सबअर्ब्स (पश्चिमी उपनगरों) पर है। कंपनी रेजिडेंशियल सेगमेंट में री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स करती है, जिसमें किफायती, मिड व मास, और एस्पिरेशनल घर शामिल हैं।
क्या अप्लाई करना चाहिए?
SBI सिक्योरिटीज ने कंपनी के एसेट-लाइट मॉडल, बेहतर रिटर्न प्रोफाइल, बेहतर होती बैलेंस शीट और स्केलेबल बिजनेस मॉडल को देखते हुए कट-ऑफ प्राइस पर इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।ब्रोकरेज के अनुसार, प्रणव कंस्ट्रक्शंस मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में रीडेवलपमेंट का काम करने वाली एक प्रमुख कंपनी है। वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2026 के बीच इसका रेवेन्यू 30.5% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट), EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉटाईजेशन से पहले की कमाई) 49.5% CAGR और शुद्ध मुनाफा 34.2% CAGR से बढ़ा। इसका रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉइड 25.1% और इक्विटी पर रिटर्न 28.9% रहा है।
प्रणव कंस्ट्रक्शंस ने अपनी बैलेंस शीट से कर्ज भी काफी कम किया है। जुलाई 2026 तक इस पर उधारी घटकर ₹236 करोड़ हो गई है। वित्त वर्ष 2026 में यह ₹538 करोड़ थी। SBI सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि इश्यू के बाद डेट-टू-इक्विटी रेश्यो लगभग 1.1x से घटकर लगभग 0.3x हो जाएगा। ब्रोकरेज ने कहा कि 37 प्रोजेक्ट्स की मजबूत पाइपलाइन, हर साल 7-8 नए प्रोजेक्ट्स जुड़ना और रीडेवलपमेंट में एंट्री की मुश्किल बाधाएं कंपनी को MMR में रीडेवलपमेंट के बढ़ते मौकों का फायदा उठाने की स्थिति में लाती हैं। प्रणव कंस्ट्रक्शंस का ब्रांड प्री-सेल्स में भी मदद करता है, जिसमें लॉन्च के पहले साल के अंदर ही लगभग 60% बिक्री हो जाती है।
BP इक्विटीज ने भी इस IPO को ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग दी है। इसके पीछे प्रणव कंस्ट्रक्शंस का मुंबई रीडेवलपमेंट पर पूरा फोकस, मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस, बेहतर मार्जिन, डिमांड-सप्लाई की अनुकूल स्थिति और लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावनाओं जैसे कारण बताए गए हैं। ब्रोकरेज ने कहा कि वैल्यूएशन उचित है।
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IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
कंपनी अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल सरकारी और वैधानिक मंजूरियां लेने की लागत, अतिरिक्त FSI खरीदने, और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़े सदस्यों को वैकल्पिक आवास और असुविधा के लिए मुआवजा देने में करेगी। इसके अलावा कर्ज चुकाने, भविष्य के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को हासिल करने, और कंपनी के सामान्य कारोबारी कामकाज के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल किया जाएगा।
IPO में 40 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 45 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। इश्यू के लिए सेंट्रम कैपिटल लिमिटेड और PNB इनवेस्टमेंट सर्विसेज लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार Kfin Technologies Ltd. है।
Pranav Constructions की वित्तीय सेहत
प्रणव कंस्ट्रक्शंस का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 20 प्रतिशत बढ़कर ₹763.93 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी का शुद्ध मुनाफा 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹71.32 करोड़ हो गया। उधारी ₹258.44 करोड़ की थी। एक साल पहले कंपनी का रेवेन्यू ₹638.24 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹62.25 करोड़ था। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 35.48 प्रतिशत के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।
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