
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जिंदगी की परीक्षा में सब आउट ऑफ सिलेबस है। इसका कोई कोर्स या पेपर नहीं होता। उन्होंने कहा कि चुनौतियों से जो सिखेगा, वहीं जीतेगा। चुनौतियां आपके लिए अवसर बन जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनौतियां बड़ी हो तो घबराना नहीं चाहिए। हमेशा सीखने की ललक बनाए रखनी चाहिए। ALSO READ: 'क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए?' राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर शशि थरूर का बड़ा बयान
पीएम मोदी ने कहा कि लाइफ में curiosity बनाए रखिए… अपनी learning instinct को जगाए रखिए। जो बातें बिना सोचे-समझे स्वीकार कर ली जाती हैं… उन्हें परखिए। उन पर सवाल उठाइए। लेकिन सिर्फ सवाल पूछकर मत रुकिए। उनका समाधान खोजने का साहस भी रखिए।
उन्होंने कहा कि आज आप ऐसे समय में इस इंस्टीट्यूज से निकल रहे हैं, जब दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। आज दुनिया की statergic equation बहुत तेजी से बदल रही है, ग्लोबल पॉवर बैलेंस भी प्रतिपल बदल रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत है टेक्नोलॉजी की स्पीड। आज कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि अगले 20-30 वर्षों की दुनिया कैसी होगी। लेकिन जब-जब बदलाव का दौर आता है, तब-तब चुनौतियां भी आती हैं और नए अवसर भी पैदा होते हैं। दुनिया बदलेगी, टेक्नोलॉजी भी बदलेगी, इंडस्ट्रीज भी बदलेंगी, प्रोफेशन भी बदलेंगे।
उन्होंने कहा कि आज देश के आप सभी प्रतिभाशाली युवाओं के जीवन की नई यात्रा शुरू हो रही है। आप इस समय जीवन के एक यादगार पल को जी रहे हैं। उत्साह, उमंग, सपनों और भावनाओं से सराबोर इस क्षण का हिस्सा बनना, IIT दिल्ली के इस कैंपस में आना, आपके साथ ये अनुभव साझा करना, मेरे लिए भी बहुत खास है।”
पीएम मोदी ने कहा कि इन भावुक पलों में मैं एक बात आपसे जरूर कहूंगा। जब जब जीवन आपको पीछे मुड़कर देखने का अवसर देगा, तो ये कैंपस लाइफ, आपके दोस्त, टीचर्स, मेंटर्स और सपोर्ट स्टाफ जो आपका परिवार बन गए, आपके प्रोफेसर्स जिन्होंने आप जैसी प्रतिभाओं को गढ़ने की जिम्मेदारी उठाई और आपका ये Insti जो धीरे-धीरे आपका घर बन गया। आप अपनी हर सक्सेस में इन सबको याद करेंगे, इन सबके लिए थैंकफुल होंगे। ALSO READ: कंगना रनौत का यू-टर्न! Gen Z को बताया भारत की 'सबसे बड़ी ताकत', कुछ दिन पहले प्रदर्शनकारियों को कहा था 'जेनरेशन गटर'
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आप सभी और सारे स्टूडेंट्स इस कार्यक्रम में उपस्थित हैं। लेकिन मन के किसी कोने में कुछ और चल रहा होगा। हर स्टूडेंट के मन में आने वाले कल की अपनी-अपनी तस्वीर होगी। कईं छात्र अपनी पहली सैलरी का इंतजार कर रहे होंगे, कोई नए शहर में नई शुरुआत की तैयारी में होगा, कईं साथी अपने नए स्टार्टअप का सपना देख रहे होंगे, किसी ने अगले कॉम्पिटेटिव एक्जाम का लक्ष्य बनाया होगा। हर किसी का रास्ता अलग है, हर किसी का सपना अलग है। लेकिन इन सबके बाद भी एक एहसास ऐसा है जो आप सभी के मन में एक सा होगा।

