गुजरात के 10 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत, मेडिकल बिल मंजूरी के नियम बदले; अब जल्दी मिलेगा पैसा

gujarat cm bhupendra patel

राज्य के 10 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए गुजरात सरकार ने चिकित्सा खर्च की मंजूरी से संबंधित वित्तीय शक्तियों में महत्वपूर्ण सुधार किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस नई व्यवस्था की घोषणा की है।

नई नीति के तहत अब विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर ही मेडिकल बिल मंजूर करने के नए अधिकार सौंपे गए हैं, जिससे कर्मचारियों को अपने बिल पास कराने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और पूरी प्रक्रिया तेज होगी। 

 

नई शक्तियों के बंटवारे के अनुसार, अब 25,000 रुपए तक के मेडिकल बिल संबंधित कार्यालय प्रमुख (हेड ऑफ ऑफिस) खुद मंजूर कर सकेंगे। वहीं 1 लाख रुपए तक के खर्च को विभागाध्यक्ष (हेड ऑफ डिपार्टमेंट), 3 लाख रुपए तक के बिल को संबंधित प्रशासनिक विभाग और 5 लाख रुपए तक के बड़े मेडिकल बिल को स्वास्थ्य मंत्री स्तर से मंजूरी दी जाएगी। इस विकेंद्रीकरण से बिल मंजूरी की फाइलें अलग-अलग विभागों में लटके रहने की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

 

राज्य सरकार के इस फैसले से मेडिकल बिलों की मंजूरी प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी। विशेष रूप से गंभीर बीमारी या आपातकालीन इलाज के बाद राशि जारी होने में होने वाली देरी दूर होगी, जिसका सीधा वित्तीय लाभ लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा। सरकार का यह कदम कर्मचारियों के कल्याण और सुविधा की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।