ऑस्ट्रेलिया से भारत को मिलेगा यूरेनियम, PM मोदी और अल्बानीज के बीच कई बड़े समझौते; रक्षा से लेकर ऊर्जा तक बढ़ी साझेदारी

PM Modi with PM Albanese : India-Australia Comprehensive Strategic Partnership

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की। इस दौरान 2015 के ऑस्ट्रेलिया-भारत परमाणु सहयोग समझौते के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए भारत को यूरेनियम निर्यात करने संबंधी समझौते को मंजूरी दी गई। साथ ही दोनों देशों में रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार करने पर भी सहमति बनी। 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि 2022 में किए गए आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता से हमारे व्यापार और निवेश का दायरा लगातार बढ़ा है। अब हमने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता यानी CECA पर तेजी से काम करने का निर्णय लिया है, जो दोनों देशों के लिए संतुलित, महत्वाकांक्षी और फायदे का सौदा होगा।

 

उन्होंने कहा कि PM सूर्य घर योजना को सपोर्ट करने के लिए हमने गुजरात में एक रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग एकेडमी बनाई है ये युवाओं और महिलाओं की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आज हमने एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का मार्ग खुलेगा और हमारे स्वच्छ ताकत के उद्देश्यों को नई ताकत मिलेगी।

 

नॉलेज पार्टनरशिप में नया अध्याय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय मूल के लोग आस्ट्रेलिया के आर्थिक और सामाजिक जीवन में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं। आस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन रहा है। भारत में आस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटीज के कैंपस खुलने से हमारी नॉलेज पार्टनरशिप में नया अध्याय जुड़ा है। हम दोनों देशों के बीच स्टूडेंट्स, प्रोफेशनल्स और टूरिस्ट्स के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए प्रयास करते रहेंगे।

 

आतंकवाद पूरी मानवता के लिए चुनौती

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया मानते हैं कि आतंकवाद केवल किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। इसलिए आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई भी साझा है, हमारा संकल्प भी अटूट है और हमारा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। हमारा यह भी मानना है कि विश्व के अनेक भागों में चल रहे तनावों और युद्धों का समाधान वार्ता और कूटनीति से ही संभव है। पूरे इंडो पैसिफिक क्षेत्र में हम मिलकर शांति, स्थिरता, आवाजाही की स्वतंत्रता और नियमों पर आधारित व्यवस्था को और मजबूत करेंगे।

 

क्या बोले ऑस्ट्रेलियाई पीएम?

प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 6 साल बाद, भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया के संबंध आज जितने महत्वपूर्ण हैं, उतने पहले कभी नहीं थे। हमारी साझेदारी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है। हम दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा और विविध बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि हम लगातार मजबूत होते रहें। उन्होंने कहा कि नए अहम समझौतों के साथ, हम रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में अपने संबंधों का विस्तार कर रहे हैं। 

 

प्रधानमंत्री मोदी और मैंने अपनी व्यावहारिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया है। ऑस्ट्रेलिया भारत को एक शीर्ष-स्तरीय सुरक्षा भागीदार मानता है और यह घोषणापत्र शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम रणनीतिक समन्वय को बढ़ाएंगे, अपने रक्षा अभ्यासों की जटिलता को बढ़ाएंगे और अपनी रक्षा सेनाओं के बीच आपसी तालमेल को और मजबूत करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा-संबंधी उन घटनाक्रमों पर परामर्श करने का संकल्प लेते हैं जो हमारे साझा हितों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा हमने समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए एक संयुक्त रोडमैप का समर्थन किया है और साइबर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर एक नई ऑस्ट्रेलिया-भारत साझेदारी पर सहमति व्यक्त की है।