नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। उसने 30,000 करोड़ के आईपीओ के लिए सेबी के पास दस्तावेज दाखिल किए हैं। इश्यू पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NSE ने अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल कर दिया है। NSE पर लिस्ट सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग 438.9 लाख करोड़ रुपये है, जो BSE के मुकाबले अधिक है।
कौन कितने शेयर बेचेगा?
एनएसई का प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल पर आधारित होगा। इसमें मौजूदा शेयरधारक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। इस इश्यू के जरिए शेयरधारक मिलकर एनएसई में अपनी करीब छह प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेंगे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) 2.48 करोड़ शेयर बेचेगा, जबकि एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयरों की बिक्री करेगा। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड 1.19 करोड़ शेयर, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्रा. लि. 1.12 करोड़ शेयर, बैंक ऑफ बड़ौदा 1.10 करोड़ शेयर और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड 1.09 करोड़ शेयर बेचेगा।
एनएसई के बोर्ड ने फरवरी में दी थी मंजूरी?
एनएसई के निदेशक मंडल ने छह फरवरी को प्रस्तावित आईपीओ को मंजूरी दी थी। यह मंजूरी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मिलने के बाद दी गई थी। एनएसई ने इससे पहले 2016 में लगभग 10,000 करोड़ रुपए जुटाने के लिए आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन सेबी ने कामकाज के संचालन और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण मंजूरी रोक दी थी।
भारत के सबसे बड़े आईपीओ
इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर्स ने 27870 करोड़ और 2022 में एलआईसी ने 21008 करोड़ का आईपीओ लांच किया था। 2021 में पेटीएम ने आईपीओ से 18,300 करोड़ रुपए जुटाए थे जबकि 2025 में टाटा कैपटल्स और 2010 में कोल इंडिया 15,000 करोड़ से ज्यादा के आईपीओ लाए थे।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
edited by : Nrapendra Gupta
