Train Snake Incident: चलती ट्रेन के डिब्बे में आराम से सफर कर रहे यात्रियों के पसीने तब छूट गए, जब रात के अंधेरे में साइड लोअर बर्थ के ठीक नीचे से एक लंबा सांप बाहर निकलता दिखाई दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @JharkhandRail द्वारा शेयर किया गया वीडियो कटिहार एक्सप्रेस का बताया जा रहा है, जो कोलकाता जा रही थी।
यूजर ने तंज अंदाज में लिखा कि यात्रियों ने पूरे पैसे देकर स्लीपर क्लास की सीट बुक की थी, लेकिन सफर के दौरान उन्हें सुरक्षा के बजाय ‘सांप का सरप्राइज’ मिल गया। इस नजारे के बाद यात्रियों की सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है।
क्या है पूरा मामला?
रात के समय जब ट्रेन कोलकाता की ओर बढ़ रही थी, तभी स्लीपर कोच के साइड लोअर बर्थ के नीचे से अचानक एक लंबा सांप रेंगता हुआ बाहर आया। चलती ट्रेन के में सांप को देखते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
यात्री अपनी बर्थ छोड़कर दूर हट गए। गनीमत यह रही कि समय रहते सांप पर नजर पड़ गई, वरना किसी यात्री को डसने पर रात के समय चलती ट्रेन में बड़ा हादसा हो सकता था।
सोशल मीडिया पर तंज और लोगों का फूटा गुस्सा
@JharkhandRail ने इस घटना का विवरण साझा करते हुए रेलवे पर तीखा तंज कसा है। यूजर ने लिखा, ‘स्लीपर कोच या सांपों का अभयारण्य? पूरा किराया देकर स्लीपर बर्थ बुक की… और साथ में मुफ्त में सांप से मुलाकात! मजाक से हटकर, यात्रियों को चलती ट्रेन के अंदर खतरनाक जीवों से डरने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। यात्रियों को एक सुरक्षित यात्रा चाहिए, न कि कोई जंगल सफारी।
यूजर्स के रिएक्शन्स
कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि ट्रेन यार्ड में खड़ी रहने के दौरान प्रॉपर चेकिंग और सफाई नहीं होती, जिसके कारण ऐसे जहरीले जीव डिब्बों में घुस जाते हैं। X पर लोगों ने रेल मंत्री और ईस्टर्न/नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे को टैग करते हुए कहा कि जब यात्री पूरा किराया देते हैं, तो उन्हें जंगल सफारी जैसा खौफनाक अनुभव क्यों दिया जा रहा है?
कुछ यूजर्स का कहना था कि आउटर या डिपो में गाड़ियां खड़ी रहने के दौरान खिड़कियां और दरवाजे खुले छोड़ दिए जाते हैं, जिससे सांप और चूहे आसानी से अंदर दाखिला पा लेते हैं।
Sleeper Coach or Snake Sanctuary?
A disturbing scene was reportedly witnessed on the Katihar Express while travelling towards Kolkata at night—a long snake was seen emerging from beneath a Side Lower berth in a moving train.
Full fare
Sleeper berth
And… pic.twitter.com/LoQ32A7snk
— Jharkhand Rail Users (@JharkhandRail) September 20, 2026

