UNGA में तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा, जानिए भारत ने क्या कहा

UNGA में तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा, जानिए भारत ने क्या कहा

Turkey Erdogan on Kashmir Issue

Turkey Erdogan on Kashmir Issue: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से कश्मीर का मुद्दा उठाया।  है। न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में वैश्विक नेताओं के बीच एर्दोगन ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति के लिए कश्मीर विवाद को बातचीत और यूएन प्रस्तावों के दायरे में रहकर सुलझाया जाना चाहिए। हालांकि, भारत हमेशा से स्पष्ट करता रहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसमें किसी भी तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

 

एर्दोगन ने कहा कि दक्षिण एशिया में यह अत्यंत आवश्यक है कि कश्मीर मुद्दे सहित सभी विवादों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर (UN Charter) और प्रासंगिक प्रस्तावों के दायरे में रखकर बातचीत के जरिए सुलझाया जाए।  उन्होंने कहा कि यदि रचनात्मक कदम उठाए जाएं, तो इस क्षेत्र के विवादों को बातचीत की मेज पर हल किया जा सकता है। ALSO READ: क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

एर्दोगन पहले भी उठा चुके हैं कश्मीर मुद्दा

हालांकि यह पहला मौका नहीं है जब तुर्की के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत के इस आंतरिक विषय का जिक्र किया है। एर्दोगन वैश्विक मंचों पर अक्सर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते देखे गए हैं। वर्ष 2019 के बाद से एर्दोगन कई बार यूएन महासभा के भाषणों में कश्मीर का मुद्दा उठा चुके हैं। हालांकि, 2024 में उन्होंने अपने भाषण में इसका जिक्र नहीं किया था, लेकिन 2025 और अब 2026 में उन्होंने फिर से इस विषय को दोहराया। हालांकि भारत ने हमेशा तुर्की और पाकिस्तान के इस रुख को सिरे से खारिज किया है। ALSO READ: ‘मक्का रक्षा समझौता 2026’: पाक, सऊदी और तुर्की की नई घेराबंदी — क्या भारत-पाक युद्ध की स्थिति में बदलेगा युद्ध क्षेत्र?

भारत की नसीहत

भारत की तरफ से मुख्य आधिकारिक टिप्पणी विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने की है। हालांकि यह टिप्पणी सीधे एर्दोगन के UNGA भाषण पर नहीं, बल्कि OIC Contact Group on Jammu & Kashmir के संयुक्त बयान पर है। इसमें तुर्की, पाकिस्तान, सऊदी अरब आदि देश शामिल हैं।

विदेश मंत्रालय ने इसे अवांछित और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है। भारत ने कहा कि OIC को भारत के आंतरिक मामलों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है पाकिस्तान को आतंकवाद पर सलाह देने को कहा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच समझौता हुआ है। इसके मुताबिक यदि तीनों में से किसी देश पर हमला होता है तो उसे एक दूसरे पर हमला माना जाएगा।