UNGA में डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, यूक्रेन युद्ध पर जल्द कुछ करूंगा, ईरान पर कड़ा रुख

UNGA में डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, यूक्रेन युद्ध पर जल्द कुछ करूंगा,  ईरान पर कड़ा रुख

donald trump

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ट्रेडमार्क आक्रामक शैली में दुनिया को अपना कड़ा रुख दिखा दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा। चुनाव के बाद ईरान से डील करेंगे। हमने यह युद्ध लगभग खत्म कर दिया है। ईरान का पूरी तरह से आर्थिक बहिष्कार करें।

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ट्रंप ने कहा कि मैंने 8 युद्ध खत्म करवाए। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में उन देशों को चेतावनी दी जो रूस और ईरान से तेल या ऊर्जा खरीद रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि रूस- यूक्रेन के युद्ध पर कुछ करने वाला हूं। हालांकि ट्रंप ने अपने भाषण में बड़े-बड़े दावे किए लेकिन चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति की लोकप्रियता में बड़ी गिरावट आई है।  

यूक्रेन और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और तेज़ी से हो रहे AI डेवलपमेंट के खतरों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए न्यूयॉर्क में UN जनरल असेंबली में दुनिया भर के लगभग 130 नेता इकट्ठा हो रहे हैं। असेंबली में अपने भाषण में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि नवंबर में होने वाले मिड-टर्म चुनावों के ठीक बाद अमेरिका ईरान के साथ कोई डील करेगा।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस इवेंट में शामिल नहीं हो रहे हैं और इसके बजाय गुरुवार को वॉशिंगटन में ट्रंप के साथ आमने-सामने बातचीत करेंगे, जिससे दुनिया के बड़े मामलों से UN के किनारे हो जाने का डर और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए अपनी विदेश नीति और अमेरिका की सैन्य ताकत का उल्लेख किया। ट्रंप ने शांति के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए कहा कि कई नेताओं ने शांति की बात की, लेकिन उन्होंने शांति कायम करने के लिए कदम उठाए।

 

ईरान का सीधे तौर पर जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि जब कुछ नेता खतरों को नजरअंदाज कर रहे थे, तब उन्होंने उनका सामना किया। उन्होंने कहा कि जहां दूसरे नेता साहस और ताकत की बात करते रहे, वहीं अमेरिका ने दोनों का प्रदर्शन किया। ट्रंप ने दावा किया कि उनके दृष्टिकोण ने अमेरिका को दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनाया है।

 

ट्रंप ने अमेरिका के ‘गोल्डन एज’ का किया दावा

 

ट्रंप ने पिछली सरकार से विरासत में मिले दौर को अमेरिका का “डार्क एज” बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने देश को “गोल्डन एज” की ओर बढ़ाया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका की संपत्ति, ताकत, ऊर्जा और गति से पूरी दुनिया को भी फायदा हो रहा है।

 

हालांकि, ईरान से जुड़े संघर्ष के मामले में व्हाइट हाउस के कई घोषित लक्ष्य अभी तक पूरी तरह हासिल नहीं हुए हैं। इस संघर्ष का आर्थिक असर भी पड़ा है, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के बाद वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है।

 

ईरान को लेकर ट्रंप ने रखे दो विकल्प

 

ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर ट्रंप ने कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि क्या ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे ईरान दोबारा निर्माण कर सके और पहले से कहीं अधिक मजबूत देश बन सके।

 

ट्रंप ने इसके साथ ही इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान को सैन्य कार्रवाई के जरिए पूरी तरह खत्म करने की संभावना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से ईरान के पास भविष्य में लोगों और देशों को नुकसान पहुंचाने का अवसर नहीं रहेगा।

 

हालांकि, ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के साथ जल्द समझौता हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान यह देखना चाहता है कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं होंगे और पहले ही चुनाव लड़कर भारी जीत हासिल कर चुके हैं।

 

पुतिन से बोले ट्रंप- यूक्रेन युद्ध खत्म करें

 

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पहुंचने पर ट्रंप ने अमेरिका की प्रगति का जिक्र किया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए संदेश पूछे जाने पर ट्रंप ने संक्षेप में कहा कि उन्हें “युद्ध खत्म करना चाहिए”।

 

ट्रंप के निशाने पर फिर संयुक्त राष्ट्र

राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रंप संयुक्त राष्ट्र और महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की कार्यप्रणाली की आलोचना करते रहे हैं। पिछले वर्ष संयुक्त राष्ट्र में उनके संबोधन के दौरान भी कई शिकायतें सामने आई थीं। इनमें संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की एस्केलेटर के कुछ समय के लिए बंद होने और टेलीप्रॉम्प्टर में आई तकनीकी समस्या को लेकर की गई टिप्पणियां शामिल थीं।

 

संयुक्त राष्ट्र की आलोचना के बावजूद, अमेरिका ने पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र के बजट में करीब 72.5 करोड़ डॉलर का भुगतान किया। इससे संगठन को कुछ वित्तीय दबाव से राहत मिली और उसके मतदान अधिकारों पर संभावित असर का जोखिम टला।

 

ट्रंप के इस वर्ष के संबोधन में संयुक्त राष्ट्र की आलोचना के साथ-साथ उनकी सरकार की विदेश नीति की उपलब्धियों को सामने रखने पर भी जोर रहा। इसमें ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान और मध्य पूर्व में कूटनीतिक पहलों का विशेष उल्लेख शामिल है।

तो प्रदूषण के पैसे देने पड़ते हैं 

ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने दुनिया के जहाजों पर कार्बन टैक्स लगाने की योजना को रोकने के लिए दखल दिया। यह योजना संयुक्त राष्ट्र की संस्था इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ला रही थी। इसके तहत दुनियाभर की शिपिंग कंपनियों को अपने जहाजों से होने वाले प्रदूषण के लिए टैक्स देना पड़ता। ट्रम्प ने कहा कि यह बहुत महंगा टैक्स होता, इसलिए अमेरिका को इसे रोकने के लिए आगे आना पड़ा। अगर यह योजना लागू हो जाती तो यह पहली बार होता जब पूरे शिपिंग उद्योग को अपने प्रदूषण के लिए पैसे देने पड़ते।