
Mamata Banerjee takes tough action against rebels : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बगावत के बाद ममता बनर्जी बड़े संकट में फंस गई हैं। तृणमूल कांग्रेस का संकट अब खुली जंग में बदल चुका है। टीएमसी 3 गुटों में बंट गई है। एक धड़ा बागी विधायकों का तो दूसरा बागी लोकसभा सांसदों का और तीसरा गुट ममता बनर्जी के साथ है। अब टीएमसी पर नियंत्रण की लड़ाई तेज हो गई है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज 8 बागियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए अपने सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल फिरहाद हाकिम समेत 8 वरिष्ठ नेताओं जावेद अहमद खान, अरूप रॉय, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यास्मीन, अरूप बिस्वास और स्नेहाशीष चक्रवर्ती को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
3 गुटों में बंट गई टीएमसी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बगावत के बाद ममता बनर्जी बड़े संकट में फंस गई हैं। तृणमूल कांग्रेस का संकट अब खुली जंग में बदल चुका है। टीएमसी 3 गुटों में बंट गई है। एक धड़ा बागी विधायकों का तो दूसरा बागी लोकसभा सांसदों का और तीसरा गुट ममता बनर्जी के साथ है। अब टीएमसी पर नियंत्रण की लड़ाई तेज हो गई है।
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इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज 8 बागियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेते हुए अपने सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल फिरहाद हाकिम समेत 8 वरिष्ठ नेताओं जावेद अहमद खान, अरूप रॉय, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यास्मीन, अरूप बिस्वास और स्नेहाशीष चक्रवर्ती को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
ममता बनर्जी के अधिकार को चुनौती
ममता गुट ने पहले इन नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में उनसे पार्टी विरोधी गतिविधियों पर जवाब मांगा गया था। सोमवार को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने खुद को 'असली तृणमूल कांग्रेस' बताते हुए ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने का दावा किया था। इसी बैठक में अरूप रॉय को नया पार्टी अध्यक्ष घोषित किया गया। इस फैसले को सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के अधिकार को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
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ममता बनर्जी ने इन दावों को किया खारिज
हालांकि ममता खेमे ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने कहा कि तृणमूल और ममता बनर्जी एक-दूसरे के पर्याय हैं। पार्टी के संविधान के अनुसार बागी गुट को समिति बनाने या नेतृत्व बदलने का कोई अधिकार नहीं है। इससे साफ है कि पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ऐसे में उनका पार्टी से निष्कासन यह संकेत देता है कि टीएमसी के भीतर दरार अब बेहद गहरी हो चुकी है।
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बगावत को लेकर क्या बोले अरूप रॉय?
अरूप रॉय ने कहा कि पूरे बंगाल में जो हालात बने हुए हैं, उनसे निपटने के लिए हमें फिर से कार्यकर्ताओं के पास जाना होगा और उनके साथ खड़ा होना होगा। हमें सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करना होगा और मिलकर काम करना होगा। कलकत्ता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी की उस चुनावी याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से सुवेंदु अधिकारी की जीत को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने निर्वाचन क्षेत्र से CCTV फुटेज, EVM और VVPAT मशीनों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
बागियों को लेकर तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता ने दिया यह बयान
टीएमसी में हो रही बगावत को लेकर तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता एनवी सुभाष का कहना है कि यह टीएमसी के अंदर की बगावत है। पश्चिम बंगाल के लोग विकास चाहते थे। भाजपा उन टीएमसी नेताओं की निंदा करती है जो ममता बनर्जी के पक्ष में हैं और दावा करते हैं कि इस बगावत के लिए भाजपा जिम्मेदार है।
Edited By : Chetan Gour

