
PM Modi Red Fort Speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भरता, युवा शक्ति, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक और ‘शक्ति की सप्तधारा’ पर खास जोर दिया। इस दौरान उन्होंन Gen G और Gen अल्फा के लिए भी बड़े एलान किए।
शक्ति की सप्तधारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक-नवाचार, गतिशक्ति, रक्षा, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर को देश की 7 प्रमुख शक्तियां बताया। ALSO READ: लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा विजन, ‘सप्तधारा’ की 7 शक्तियों से बदलेगा भारत; जानिए क्या हैं ये शक्तियां
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया और तेज विकास पर जोर दिया। पीएम मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि मेहनत में कोई कमी न करते हुए हम विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करके रहेंगे। हमें मिलकर आगे बढ़ना है। सुधारों को आगे बढ़ाते रहना है। हम यह दृढ़ विश्वास से कर रहे हैं। देश के विकास में युवा सबसे बड़ी ताकत है और विकसित भारत का सबसे बड़ा साधक और लाभार्थी भी देश का युवा है। हमें युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाते हुए आगे बढ़ना है। स्टार्ट अप इंडिया के चलते देश में स्टार्ट अप बनते जा रहे हैं। मैं युवाओं को कहना चाहता हूं कि आप सपने लेकर आएं, हम संसाधन की कमी नहीं होने देंगे। सस्ते डेटा ने युवाओं को आगे बढ़ाया है। देश के नौजवानों को इसने नई ताकत दी है। स्किल इंडिया को हमने आगे बढ़ाया। खेलो इंडिया बढ़ाया।
जनगणना के काम के लिए आगे आएं युवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबधन में कहा, आज मुझे एक काम के लिए आपकी मदद चाहिए। सभी नौजवानों से मैं चाहता हूं कि आप नेतृत्व करिए। आपका एक या दो घंटे देश को बहुत बड़ी शक्ति देने वाला है। इन दिनों में देश में जनगणना का काम हो रहा है। गिनती सिर्फ आंकड़ों से बात बनती नहीं है। उसकी बारीकियों से योजनाएं बनती हैं, देश के आगे बढ़ने की रूप रेखा तैयार होती है। कभी कभी सरकार के प्रतिनिधि जल्दी में होते हैं, वे कुछ गड़बड़ी कर देते हैं। इस बार निर्णय हुआ है कि आप अपनी जानकारी जनगणना में भरकर दे सकते हैं। लेकिन आप परिवार के सब बैठकर डिजिटली अपनी रजिस्ट्री करा दें। आप जितनी परफेक्ट जानकारी देंगे, देश को उससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इससे देश की समय और शक्ति काम आएगी। ALSO READ: आजादी के 80 साल : अगर भगत सिंह और सरदार पटेल आज लौट आएं तो क्या पूछेंगे?
आत्मनिर्भरता के मंत्र से किया चुनौतियों का सामना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से कहा, एक समय था, जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ लोग एसी में बैठकर बात करने वाले लोग हमें बता रहे थे कि वैश्वीकरण का क्या होगा। जहां से वैश्वीकरण की आवाज आती थी, उसने बोलना ही बंद कर दिया। लेकिन इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने इन संसाधनों का हथियारीकरण करने का काम किया। संसाधनों का हथियारीकरण। पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयां, तकनीक की चीजें। अगर हम आत्मनिर्भर का मंत्र लेकर आगे नहीं चले होते तो ऐसी चुनौतियों का सामना कैसे करते। ऐसी चुनौतियां आगे बढ़ती जा रही हैं।
महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से अपील
उन्होंने कहा कि हमने संसद में महिला शक्ति को बल देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया था। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह कर रहा हूं कि महिलाओं के समार्थ्य के पुजारी बनिए। जल्द से जल्द हमारी माताओं-बहनों को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व मिले, वे भारत के विकास में योगदान दें। आइये महिला आरक्षण लागू कर के आप भी उन्हें आगे बढ़ाने का श्रेय लीजिए, लेकिन हमारी नारी शक्ति को बल दीजिए।
हथियार वाले नक्सली तो मारे गए, दिमाग वाले नक्सली देश में
प्रधानमंत्री ने कहा, देश की सत्ता में वर्षों तक माओवादी सोच वाले लोग जगह बनाकर बैठे थे। इन लोगों ने सरकारों की नीतियों को भी प्रभावित किया था। हमें नक्सलवादियों से देश को आजाद कराने में मदद मिली है। हथियार वाले नक्सल तो गए लेकिन दिमाग वाले नक्सल देश में हैं। यह देश को हिंसा में घसीटने की कोशिश में जुटे हैं। हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा। इन्हें अलग-थलग करना होगा। सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है। सुरक्षा सीमा के अंदर हो या बाहर हम सबके लिए तैयार हैं। जरूरी नहीं कि युद्ध सीमाओं पर हो, आज तेल रिफाइनरियों पर हमले हो रहे हैं, बैंकिग क्षेत्र हमलों का शिकार हो रहे हैं। हमें इन क्षेत्रों की सुरक्षा भी करनी है। ALSO READ: 1971 युद्ध का वो 'संत', जिसके नाम से कांपती थी पाकिस्तानी टैंक रेजिमेंट : पढ़िए महावीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट जनरल हनूत सिंह की शौर्य गाथा
कुछ लोगों को देश को भयभीत करने में आनंद आता है
पीएम मोदी ने कहा कि हमने सोचा भी नहीं था कि हमें कुछ समस्याओं को झेलना पड़ेगा। 12 साल में हमने कोरोना जैसी महामारी झेली, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। कोरोना के बाद कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया, हर जगह तनाव का माहौल। कुछ लोगों को तो सिर्फ देश को भयभीत करने, डराने में मजा आता है। कोरोना वैक्सीन नहीं मिलेगी, यह नहीं होगा, पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगी, डीजल नहीं मिलेगा, फर्टिलाइजर नहीं मिलेगा। कुछ लोगों को देश को डराने में आनंद आ रहा था। लेकिन देश ने देख लिया कि हम नागरिक देवो भवः के मंत्र को लेते हुए, जिस तरह से योजनाओं को आगे बढ़ाया था, उनसे देश को कोई समस्या नहीं हुई। आज देश में पेट्रोल भी है, गैस भी है, डीजल भी है। हम अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं।
वंदे मातरम्’ पर क्या बोले मोदी
80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। प्रधानमंत्री ने भी अपने भाषण में कहा कि आज देश नए संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है।
नागरिक रक्षा का बड़ा नेटवर्क
पीएम मोदी ने कहा कि हमें देश की सुरक्षा के लिए नागरिकों को भी आगे लाना है। मैं लाल किले से एलान कर रहा हूं कि हम जल्द ही नागरिक रक्षा (सिविल डिफेंस) का देश में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करेगा। इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी।
समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा
प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने लाल किले से पंच प्राण की बात की थी। इसने हमारे संकल्पों को बड़ा बल दिया। जिस भारत का सपना, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बिरसा मुंडा, ज्योतिबा फुले ने देखा था। आइये इन संकल्पों को हम दोहराएं। मैं सभी देशवासियों से कहूंगा कि समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है। आइये सपनों को संकल्प बनाएं, संकल्प को सामर्थ्य बनाएं और सामर्थ्य को सफलता में बदल कर रहें। आइये हर कदम को विकास का कदम बनाएं, कदम से कदम मिलाएं, मन से मन मिलाएं, लक्ष्य से जुड़े रहें, एक दीप से जलें दीप हजारों, आओ मिलकर विकसित भारत बनाएं।


