
भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और पटवारी अब आमने सामने आ गए है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी की संपत्तियों की रजिस्ट्री को लेकर सरकार और पटवारियों के बीच चल रहा विवाद अब सड़क पर आता हुआ दिख रहा है और कई जिलों में पटवारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है। वहीं पटवारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर के पटवारी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं।
दरअसल स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री को लेकर लेकर पटवारी विरोध कर रहे है। पटवारियों का कहना है कि स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया में उनकी भूमिका, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और उससे जुड़ी कानूनी जवाबदेही को लेकर व्यावहारिक और कानूनी आपत्तियां हैं। इससे पहले भी पटवारी संघ शासन को अपनी समस्याओं से अवगत करा चुका है।
27 पटवारियों की सेवा समाप्ति से बढ़ा विवाद-स्वामित्व योजना को लेकर चल रहे विवाद के बीच योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने तथा अन्य आरोपों के चलते प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रोबेशन वाल पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उज्जैन, शाजापुर, रतलाम,मंदसौर, आगर मालवा, देवास और नीमच में तैनात 27 प्रोबेशन पटवारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। वहीं भोपाल में तीन पटवारियों को नोटिस दिया है। कुछ अन्य जिलों में निलंबन और कारण बताओ नोटिस की कार्रवाई भी सामने आई है। देवास में तीन प्रोबेशन पटवारियों की सेवा समाप्ति के बाद बड़ी संख्या में पटवारियों ने प्रदर्शन भी किया।
बर्खास्तगी के विरोध में पटवारी संघ- पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व रजिस्ट्री योजना से विरत रहने की उनकी मांग को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा बर्खास्तगी और दंडात्मक कार्रवाई का सहारा लिया जा रहा है। संघ ने अपने संदेश में कार्रवाई का सामना कर रहे पटवारियों के साथ एकजुटता जताते हुए कहा है कि बर्खास्तगी को संगठन के लिए पीछे हटने का कारण नहीं बनने दिया जाएगा। संघ ने कहा है कि कार्रवाई वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
पटवारी संघ के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि स्वामित्व रजिस्ट्री योजना से अलग रहने की हमारी न्यायसंगत लड़ाई को दबाने के लिए शासन और प्रशासन द्वारा बर्खास्तगी तथा कठोर दंडात्मक कार्यवाहियों का सहारा लिया जा रहा है। जिन जांबाज़ साथियों पर यह गाज गिरी है, मैं प्रांताध्यक्ष के नाते आप सभी को यह पूर्ण विश्वास दिलाता हूँ कि आप अकेले नहीं हैं। पूरा पटवारी संघ आपके साथ चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि बर्खास्त किए गए एक-एक पटवारी के साथ संघ का एक-एक सदस्य खड़ा है और हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हमारे एक-एक साथी की ससम्मान वापसी नहीं हो जाती।
पूरे प्रदेश में 11 अक्टूबर तक पटवारियों के सामूहिक अवकाश और ऑनलाइन राजस्व कार्यों से दूरी के कारण नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल सर्वे, किसान योजनाओं से जुड़े कार्य और अन्य राजस्व सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।


