शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का अंतत: इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों को भी लिखा खत

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कॉकरोच जनता पार्टी ने इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र की जीत हुई। ALSO READ: भारतीय Gen-Z का क्रिएटिव प्रोटेस्‍ट बनाम दुनिया के हिंसक आंदोलन, क्‍यों दुनियाभर में सराहे जा रहे हैं भारतीय Gen-Z

 

प्रधानमंत्री को भेजे गए इस्तीफे में धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों से मेरा मन दुखी है। मैं जिम्मेदारी से भाग नहीं रहा था। 

उन्होंने पत्र में कहा कि यह पक्का करने के लिए कि जंतर-मंतर और पूरे देश में जो हालात हैं, उनसे देश विरोधी तत्वों को फायदा न हो, देश एकजुट रहे, भारत में छात्र कानूनी पचड़ों में न उलझें और अपनी पढ़ाई और अपने करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। ALSO READ: NEET पेपर लीक विवाद पर आमिर खान की बेटी इरा खान ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों रहीं इतने दिनों तक खामोश

 

कॉकरोच जनता पार्टी एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि मैने पहले ही कहा था कि युवाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष जाया नहीं जाएगा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर से प्रदर्शनकारियों में जश्न का माहौल है। 

गौरतलब है कि पेपर लीक मामले में कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता पिछले 36 दिनों से धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 26 दिन धरने पर थे। मानसून के पहले 5 दिन विपक्ष भी धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा रहा। इस वजह से संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही ठप रही।