
भारतीय रिजर्व बैंक की Monetary Policy Committee की तीन दिवसीय बैठक आज, 5 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रही है। इस बैठक में लिए गए फैसलों का सीधा असर आम जनता की जेब, होम लोन की EMI और देश की आर्थिक रफ्तार पर पड़ेगा। गवर्नर शक्तिकांत दास 7 अक्टूबर 2026 की सुबह बैठक के नतीजों और नए रेपो रेट का ऐलान करेंगे। ALSO READ: GST में हो सकता है बड़ा बदलाव, क्या गिरफ्तारी पर लगेगी रोक? कब होगी Council की अहम बैठक?
RBI MPC बैठक अक्टूबर 2026 : मुख्य बिंदु
- बैठक की अवधि: 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026
- नतीजों का ऐलान: 7 अक्टूबर 2026, सुबह 10:00 बजे
- वर्तमान रेपो रेट: 6.50% (लगातार कई तिमाहियों से यथावत)
- मुख्य फोकस: महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक विकास में संतुलन।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और घरेलू स्तर पर खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए RBI रेपो रेट .25 फीसदी तक बढ़ा सकता है। इसका सीधा असर आपकी होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की EMI पर पड़ेगा। इस फैसले से बैंकों द्वारा लोन की ब्याज दरों में इजाफा हो सकता है। हालांकि रेपो दर स्थिर रहने पर ईएमआई और ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। ALSO READ: असम में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण, कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, Green Cess पर क्या बोले CM हिमंत?
क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
महंगाई का दबाव : भले ही खुदरा महंगाई नियंत्रण में दिख रही हो, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में हलचल है। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के बाद रिजर्व बैंक पर भी ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव है। हालांकि RBI कोई भी जल्दबाजी भरा कदम उठाने से बचेगा।
ग्रोथ रेट को रफ्तार: भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है। त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में RBI बाजार में लिक्विडिटी और डिमांड को बनाए रखना चाहता है।


