
वृंदावन के संत प्रेमानंदजी महाराज से जुड़े 25 वर्षीय साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर 2026 की मौत के बाद अब एक नई खबर सामने आ रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। दिनेश फलाहारी ने संत के लिए Z+ श्रेणी की सुरक्षा की मांग करते हुए आश्रम से जुड़े कई आरोप लगाए हैं।
श्री हित राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े एक शिष्य (दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण) की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु और कुछ अन्य लोगों के लापता होने के दावों के बाद से आश्रम चर्चा और विवादों में है।
क्या संपत्ति है विवाद का कारण, प्रेमानंदजी ने छोड़ा आश्रम
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद से ही श्रीराधा केलीकुंज आश्रम चर्चा में है। उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और पुलिस जांच कर रही है। फलाहारी का दावा है कि रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद आश्रम में दो गुटों के बीच विवाद की स्थिति सामने आई है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
फलाहारी ने यह भी दावा किया है कि प्रेमानंदजी महाराज वृंदावन स्थित पुराना आश्रम श्री हित राधा केली कुंज छोड़ दिया है। वे पुराने आश्रम से करीब 15 किलोमीटर दूर यमुना नदी के किनारे बने नए आश्रम (जिसे यमुना विहार कुंज या बेलवन के पास नया आश्रम कहा जाता है) में चले गए हैं। 5 दिन पहले रसिक दुलारी के चौथी मंजिल से गिरने का एक CCTV सामने आया था। यह बिल्डिंग के बाहर लगे हुए कैमरे में रिकॉर्ड हुआ था।
इसमें दिख रहा था है कि रसिक दुलारी शरण 40 फुट ऊंचाई से अचानक सड़क पर पैरों के बल गिरते हैं। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में दिनेश फलाहारी ने आरोप लगाया है कि केलीकुंज आश्रम से जुड़े एक गुट में कथित तौर पर आपराधिक पृष्ठभूमि और प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़े कुछ लोग शामिल हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है।
आश्रम ने जारी किया था बयान
शिष्य की मौत के बाद हंगामा होने के बाद प्रेमानंदजी महाराज के केलि कुंज ट्रस्ट की ओर बयान जारी किया गया था। केलि कुंज ट्रस्ट प्रबंधन ने आश्रम की ओर से अपने फेसबुक पेज पर एक अपील जारी की थी। इस अपील में आश्रम प्रबंधन की ओर से कहा गया था कि पिछले दिनों में हुई घटना से पूज्य महाराज जी और समस्त अनुयायी अत्यंत आहत हैं। ट्रस्ट साधक के परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करता है। केलि कुंज ट्रस्ट द्वारा भी पुलिस प्रशासन को घटना की निष्पक्ष व तथ्यात्मक जांच में सहयोग देने की बात कही गई थी।


