पहाड़ों का फिर घूटा दम! हिमाचल से उत्तराखंड तक सड़कों पर मीलों लंबा महाजाम, होटल फुल होने से पर्यटक बेहाल

पहाड़ों का फिर घूटा दम! हिमाचल से उत्तराखंड तक सड़कों पर मीलों लंबा महाजाम, होटल फुल होने से पर्यटक बेहाल

mountains on weekend

अक्टूबर के पहले हफ्ते में मिले लॉन्ग वीकेंड का फायदा उठाने के लिए दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों से निकले सैलानियों के सैलाब ने पहाड़ों की रफ्तार थाम दी है। हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तराखंड तक के प्रमुख पर्यटन स्थलों और हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

 

शिमला और मनाली में उमड़ी रिकॉर्ड गाड़ियां

बरसात का मौसम खत्म होने और लंबे वीकेंड के चलते पर्यटकों का सबसे ज्यादा रुख हिमाचल की ओर देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, अकेले एक ही दिन में लगभग 16,000 वाहन शिमला और करीब 7,000 वाहन मनाली में दाखिल हुए।

कालका-शिमला मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव देखने को मिला। जो सफर आमतौर पर 3.5 से 4 घंटे में पूरा होता था, उसे तय करने में पर्यटकों को कई घंटे अतिरिक्त लग रहे हैं। सड़क के दोनों तरफ मीलों लंबी गाड़ियों की कतारें नजर आईं। मनाली के स्थानीय मार्गों पर भी भारी ट्रैफिक जाम के चलते वाहन रेंग-रेंग कर चलते दिखे।

 

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा और हिल स्टेशनों पर भी भारी भीड़

उत्तराखंड में पर्यटकों के साथ-साथ चारधाम यात्रियों और पितृ पक्ष के दौरान तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ जुटी है।  बद्रीनाथ मार्ग पर जोशीमठ और मारवाड़ी के बीच करीब 7 किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम देखने को मिला। जीरो बैंड से मारवाड़ी तक लगी गाड़ियों की कतारों के कारण तीर्थयात्रियों को इस छोटे से सफर को तय करने में 1 से 3 घंटे तक का समय लगा।

रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी पुलिस के अनुसार, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाले रूटों पर भी श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही बनी हुई है। वहीं मसूरी और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की भारी भीड़ के चलते पार्किंग फुल हो चुकी हैं।

 

होटलों में ‘नो रूम’ के बोर्ड और स्थानीय लोगों की परेशानी

पहाड़ों के ज्यादातर होटलों, होमस्टे और गेस्ट हाउस में ‘नो रूम’ (No Room) के बोर्ड लग चुके हैं। अचानक आई इस भारी भीड़ के कारण पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर तो रौनक है, लेकिन सड़कों पर लगे लंबे जाम के कारण पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों दोनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगातार व्यवस्था को संभालने के प्रयास किए जा रहे हैं, फिर भी वीकेंड के इन दिनों में पहाड़ी रास्तों पर सफर करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।