
Jantar Mantar Protest : दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को साफ कर दिया कि जंतर मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए बंद नहीं किया गया है। इस जगह अभी भी शांतिपूर्ण और अधिकृत प्रदर्शनों के लिए अनुमति दी जा रही है। पुलिस ने लोगों से केवर आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है। ALSO READ: सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली सरकार को निर्देश, पैलेट गन से जख्मी छात्रों का करवाए निशुल्क इलाज
दिल्ली पुलिस की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर ऐसी अफवाहें फैल रही हैं कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शनों के लिए बंद कर दिया गया है। ये दावे पूरी तरह से गलत, गुमराह करने वाले और बिना किसी सच्चाई के हैं। आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट किया जाता है कि जंतर-मंतर शांतिपूर्ण और अधिकृत प्रदर्शनों के लिए एक सक्रिय और अधिकृत जगह बनी हुई है।
Rumors are circulating on social media alleging that Jantar Mantar has been locked or closed for protests. These claims are entirely false, misleading, and devoid of facts.
It is officially clarified that Jantar Mantar remains an active and authorized site for peaceful and…
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 30, 2026
कितने लोगों को प्रदर्शन की अनुमति
बयान में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और उसके पालन में दिल्ली पुलिस द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार, इस जगह पर अधिकतम 1,000 लोगों को अनुमति दी जा सकती है। यह अनुमति संबंधित आयोजकों या व्यक्तियों द्वारा औपचारिक आवेदन करने पर सक्षम अधिकारी द्वारा दी जाती है, और इसके लिए तय नियमों और शर्तों का पालन करना ज़रूरी होता है। ALSO READ: दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, प्रदर्शनकारी को गोली लगने का दावा गलत, मेडिकल रिपोर्ट में नहीं मिले सबूत
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने कहा कि नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बिना पुष्टि की गई जानकारी पर विश्वास न करें या उसे न फैलाएं और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली के जंतर मंतर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान सख्त कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के साथ ही पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने मामले पर सफाई देते हुए कहा कि छात्रों पर पैलेट गन नहीं चलाई गई।

