‘क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए?’ राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ पर शशि थरूर का बड़ा बयान

shashi tharoor and rahul gandhi

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान को मिले समर्थन पर आत्ममंथन की जरूरत बताई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस Gen Z और छात्रों की नब्ज को समझने में नाकाम रही। ALSO READ: कंगना रनौत का यू-टर्न! Gen Z को बताया भारत की 'सबसे बड़ी ताकत', कुछ दिन पहले प्रदर्शनकारियों को कहा था 'जेनरेशन गटर'

 

'इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) की 15वीं सालगिरह पर आयोजित एक कार्यक्रम में थरूर ने माना कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा छात्रों के हक में उठाए गए तमाम मुद्दे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान में पहले ही उठाए जा चुके थे। हालांकि, पार्टी को उस समय जनता से वैसा समर्थन और प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी, जैसा CJP के आंदोलन को मिला।

 

उन्होंने कहा कि CJP ने जिन मांगों को लेकर आंदोलन खड़ा किया, उन्हें मेरी पार्टी और राहुल गांधी ने अपने अभियान के जरिए कई महीने पहले ही उठाया था। लेकिन हमें इस बात पर गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर कांग्रेस के प्रयासों को वैसी जन-प्रतिक्रिया क्यों नहीं मिली? हम क्या नहीं कर पाए? क्या हम उनकी बात सुनने में नाकाम रहे? क्या हम लोगों की नब्ज टटोलने की पुरानी कहावत पर खरे नहीं उतर पाए? क्या हम 'जेन जी' की नब्ज नहीं पकड़ पाए? ALSO READ: झारखंड छात्र आंदोलन : 14वें दिन राहुल गांधी की एंट्री, बोले 'एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स हो चुका है'

 

गौरतलब है कि CJP ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर 20 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर से अपना प्रदर्शन शुरू किया था। उनकी प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल था। छात्रों की मांग पर सरकार ने पेपर लिक मामले में सख्त कदम उठाए। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पद से इस्तीफा दे दिया।

 

राहुल गांधी ने CJP के आंदोलन से पहले, 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की थी, जिसे बाद में देश के कई अन्य शहरों में ले जाया गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आज भी प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।