‘कार्ल मार्क्स के सगे रहो या अमेरिका के, तुम दोनों के वफादार नहीं बन सकते’, ट्रंप ने ऐसा क्यों कहा था? बोले- फिर से सिर उठा रहा, कुचल देंगे…

अमेरिका की 250वीं सालगिरह की पूर्व संध्या पर ट्रंप ने अपने आधे घंटे के भाषण में अमेरिकी ताकत और महानता का बखान करने के बाद कम्युनिस्ट आंदोलन को कुचलने का संकल्प भी लिया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह फिर से सिर उठा रहा है।ट्रंप ने कहा, “आप कार्ल मार्क्स के लिए वफादार हो सकते

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