
भोपाल। भोपाल में आदिवासी युवाओं के प्रदर्शन के दौरान जय जोहार बोलने पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह को निलंबित कर दिया है। पुलिस कमिश्नर ने मामले में विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूरा मामला राजधानी भोपाल के मिसरोद इलाके से जुड़ा है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के स्टूडेंट विंग के मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस कर्मियों ने उनको रोकना चाहा तब छात्रों ने जय जोहार का नारा लगाया। घटना से जुड़े वायरल वीडियो में मिसरोद टीआई रतन सिंह पहले छात्रों से बहस करते हुए दिखाई देते है फिर जब छात्र जय जोहार का नारा लगाते है तो वह छात्रों के खिलाफ अपशब्दों का उपयोग करते हुए यहीं कूट देने की बात कहते नजर आते है। पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी विधायकों के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने टीआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
वहीं मामले को लेकर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार आदिवासी गौरव स्वाभिमान आदिवासी समाज की उन्नति और प्रगति के लिए सदैव कटिबद्ध है। भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में दुखद घटना हुई थी, घटना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में आते ही उन्होंने पूरी संवेदनशीलता के साथ विषय का संज्ञान लिया। चर्चा के उपरांत निर्देश दिए हैं। घटना में इंस्पेक्टर रतन सिंह प्रथम दृष्टया दोषी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनको सस्पेंड करके जांच के आदेश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के अंदर आदिवासी बड़ी संख्या में रहते हैं। जय जोहार हमारे यहां सम्मान का शब्द है। यह आदिवासी समाज के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक उद्घोष है उसका सम्मान सबको करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संवेदनशील मुख्यमंत्री मोहन यादव भी जय जोहार का उद्घोष करते रहे हैं।


