
JSSC CGL Exam Verdict: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को हाईकोर्ट से एक बड़ा झटका मिला है। अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सरकार के इस कदम को अनुचित और अन्यायपूर्ण करार दिया।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कुछ लोगों पर अनियमितता के आरोप या जांच के आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया और सभी सफल उम्मीदवारों को संदिग्ध नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि बिना पूरी और ठोस जांच के पूरी परीक्षा को रद्द करना न्यायसंगत नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया कि इस मामले में सीआईडी (CID) की जांच जारी रहेगी, लेकिन इसकी वजह से चुने गए योग्य अभ्यर्थियों की नौकरी नहीं छीनी जा सकती।
क्या था मामला?
गौरतलब है कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने 2024 की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (जेएसएससी-सीजीएल) परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया था।
सरकार के इस फैसले से हजारों सफल अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे थे, जिसके खिलाफ पास होने वाले उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।


