
झारखंड सरकार ने रांची में छात्र आंदोलन में शामिल होने आए छात्रों को घर भेजने के लिए 25 बसों की व्यवस्था की। प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर इन छात्रों ने घर जाने की इच्छा जताई थी।
ऑफिस ऑफ चीफ मिनिस्टर झारखंड ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि छात्र आंदोलन में शामिल होने आए विभिन्न जिलों के छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार को 25 बसों की व्यवस्था की। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर छात्रों की सुगम यात्रा सुनिश्चित की।
इसके तहत रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद और गिरिडीह के छात्रों को बसों से उनके गृह जिले भेजा गया। प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर छात्रों ने घर जाने की इच्छा जताई थी।
छात्र आंदोलन में शामिल होने आए विभिन्न जिलों के छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए जिला प्रशासन ने मंगलवार को 25 बसों की व्यवस्था की।
प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर छात्रों की सुगम यात्रा सुनिश्चित की।@DC_Ranchi @ranchipolice pic.twitter.com/j7EBJj7rx9— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) August 12, 2026
“छात्रों की बात – छात्रों के साथ”
इससे पहले सीएम सोरेन छात्रों को लिखे खुले पत्र में कहा था कि “छात्रों की बात – छात्रों के साथ” अभियान के तहत अब तक झारखंड के 8,500 से अधिक युवा साथियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। OMR से लेकर परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, तकनीक के बेहतर उपयोग और JPSC सहित दोनों आयोगों में संवैधानिक दायरे में आवश्यक और जरूरी सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव हमारे पास आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जैसा मैने पहले भी कहा हमारा उद्देश्य केवल समस्याओं पर चर्चा करना ही नहीं है। हम वर्तमान की चुनौतियों का समाधान करते हुए ऐसी परीक्षा व्यवस्था का निर्माण करना चाहते हैं, जो वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए और पारदर्शी, निष्पक्ष, सुरक्षित, विश्वसनीय और जवाबदेह हो। इसलिए मैं झारखंड के अपने सभी युवा साथियों से फिर अपील करता हूँ कि आप सभी अपने सुझाव देना जारी रखें।


