जेन ज़ी से अल्फा तक, बदलती पत्रकारिता पर होगा मंथन; इंदौर में 18वां पत्रकारिता महोत्सव

जेन ज़ी से अल्फा तक, बदलती पत्रकारिता पर होगा मंथन; इंदौर में 18वां पत्रकारिता महोत्सव

इंदौर में 2 अक्टूबर से सजेगा भारतीय पत्रकारिता महोत्सव, ‘सप्त ऋषि सम्मान’ में अनुभवी पत्रकारों का सम्मान

इंदौर में 2 अक्टूबर से सजेगा भारतीय पत्रकारिता महोत्सव, ‘सप्त ऋषि सम्मान’ में अनुभवी पत्रकारों का सम्मान

इंदौर। स्टेट प्रेस क्लब, मध्यप्रदेश द्वारा इंदौर में 2 अक्टूबर से तीन दिवसीय भारतीय पत्रकारिता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव की पूर्व संध्या पर ‘सप्त ऋषि सम्मान’ समारोह आयोजित किया गया, जिसमें पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अनुभवी पत्रकारों का सम्मान किया गया।

 

कार्यक्रम में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

‘पत्रकार समाज का आईना’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि पत्रकारों का काम सवाल पूछना है और वे समाज का आईना होते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। मौसम की मार झेलने से लेकर विभिन्न दबावों के बीच काम करने तक, पत्रकार अपने दायित्वों को लगातार पूरा करते हैं।

 

उन्होंने पत्रकारों के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने काम को अंजाम देने वाले पत्रकार बधाई के पात्र हैं।

 

जेन ज़ी और अल्फा को समर्पित 18वां सीजन

भारतीय पत्रकारिता महोत्सव का यह 18वां सीजन है। इस बार महोत्सव को जेन ज़ी और अल्फा पीढ़ी के लिए समर्पित किया गया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश के कई ख्यातनाम पत्रकार हिस्सा लेंगे।

 

महोत्सव के दौरान पत्रकारिता और मीडिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। इसमें पत्रकारों के साथ-साथ आम लोगों और पत्रकारिता के विद्यार्थियों को भी संवाद और विचार-विमर्श का अवसर मिलेगा। देशभर से आने वाले पत्रकार अपने अनुभव साझा करेंगे और अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

 

फोटोग्राफी प्रदर्शनी भी होगी

महोत्सव में पत्रकारिता के साथ-साथ फोटो पत्रकारिता को भी प्रमुखता दी जाएगी। इस अवसर पर फोटोग्राफर्स द्वारा खींचे गए चुनिंदा और महत्वपूर्ण फोटो की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके जरिए समाचार और घटनाओं को कैमरे के माध्यम से दर्ज करने वाले फोटो पत्रकारों के काम को भी सामने लाया जाएगा।

 

तीन दिन तक चलने वाला यह आयोजन पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, नई पीढ़ी और मीडिया की भूमिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संवाद का मंच बनेगा।