
इंडोनेशिया दौरे के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशियाई राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ प्रम्बानन मंदिर पहुंचे। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी यात्रा से जुड़ा वीडियो शेयर करते हुए ओम नम: शिवाय भी लिखा। इस धरोहर को देखने के बाद उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया की हवा में संस्कृति की खुशबू है।
पीएम ने मंदिर परिसर में आरती की और पुजारियों से आशीर्वाद भी लिया। उन्होंने मंदिर परिसर में अपने संबोधन में कहा- मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है। ALSO READ: पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान, कई समझौतों पर लगी मुहर
इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय! pic.twitter.com/AuHupT2vSO
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
प्रधानमंत्री मोदी के प्रम्बानन मंदिर दौरे के बाद दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति सुबियांतो ने 2029 से पहले जीर्णोद्धार पूरा करने का वादा लिया है। वे योजना बनाकर काम करते हैं, ऐसे में पूरा भरोसा है कि काम पूरा होगा और वे इंडोनेशिया आकर एकसाथ इसका जश्न मनाएंगे।
यात्रा से पहले क्या बोले पीएम मोदी?
अपनी यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो के साथ योग्याकार्ता से प्रम्बानन मंदिर जा रहा हूं।' उन्होंने एक विमान में दोनों नेताओं की हाथ मिलाते हुए एक तस्वीर भी साझा की।
On the way to the Prambanan Temple from Yogyakarta with President Prabowo Subianto.@prabowo pic.twitter.com/o0Vi9fYWmp
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
प्रम्बानन मंदिर में क्या है खास?
प्रम्बानन मंदिर परिसर योग्याकार्ता शहर से लगभग 17 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। इसे इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है। 10वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर रामायण के महाकाव्य को दर्शाने वाली नक्काशी से सजा है। यूनेस्को की वेबसाइट के अनुसार, इन संकेंद्रित वर्गों के अंतिम केंद्र के ऊपर तीन मंदिर हैं। ये 3 महान हिंदू देवताओं (शिव, विष्णु और ब्रह्मा) को समर्पित हैं।
भारत और इंडोनेशिया ने एक दिन पहले मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना शुरू करने पर सहमति जताई थी। दोनों देशों के बीच इस संबंध में समझौता भी हुआ है।

