ईरान ने धमकी दी है कि अगर उसके विमानों के उड़ानों पर रोक लगाई गई तो वे भी इलाके में किसी भी प्लेन को उड़ने नहीं देंगे। दरअसल, अमेरिका ने ईरान की सभी एयरलाइंस को बंद कराने की धमकी दी है। इसके बाद से UAE, ओमान समेत कई देशों में ईरानी उड़ानें रोकी गई हैं। ईरान से हर दिन औसतन 100 इंटरनेशनल फ्लाइट्स उड़ते हैं। ईरान बोला- US का साथ दे रहे देशों के एयरपोर्ट बंद होंगे ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहसेन रेजाई ने भी पड़ोसी देशों से अमेरिका की पाबंदियों में शामिल नहीं होने की अपील की। रेजाई ने कहा कि जो देश अमेरिका के साथ मिलकर ईरानी उड़ानों पर रोक लगाएंगे, उनके एयरपोर्ट ईरान के लिए उड़ानें संचालित नहीं कर पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसे देशों के एयरपोर्ट काम न कर पाएं। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ईरान इसके लिए कूटनीतिक, आर्थिक या सैन्य किस तरह की कार्रवाई करेगा। ईरान दूसरे देशों की उड़ानें कैसे रोक सकता है? किसी दूसरे देश के एयरपोर्ट को सीधे बंद करने का अधिकार ईरान के पास नहीं है। अल जजीरा के मुताबिक, ईरान ने अभी इसका कोई स्पष्ट तरीका नहीं बताया है। हालांकि, वह पहले भी सैन्य कार्रवाई के जरिए क्षेत्रीय एयर ट्रैवल को प्रभावित कर चुका है। 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजराइल और ईरान के संघर्ष के शुरुआती दौर में ईरान ने कतर, सऊदी अरब, UAE, कुवैत, बहरीन, ओमान और जॉर्डन पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इसके बाद इन देशों ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद कर दिया था। इससे पता चलता है कि ईरान को किसी दूसरे देश का एयरस्पेस औपचारिक रूप से बंद करने की जरूरत नहीं है। अगर क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता है, तो एयरस्पेस की सुरक्षा और उड़ानों की सुरक्षा को लेकर दूसरे देश खुद ऑपरेशन सीमित कर सकते हैं। —————–

