
UN Human Rights CJP Protest Delhi: राजधानी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े पैमाने पर चल रहे प्रदर्शन और पुलिस द्वारा की गई व्यापक धर-पकड़ का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UN Human Rights) ने प्रदर्शनकारियों, नेताओं, पत्रकारों और वकीलों को बड़ी संख्या में हिरासत में लिए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करने की अपील की है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा बुलाए गए आंदोलन और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने बयान जारी किया है। आयोग ने प्रदर्शन से जुड़े नेताओं, सिविल सोसाइटी सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को सामूहिक रूप से हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है और अधिकारियों से संयम बरतने का आग्रह किया है। उल्लेखनीय है कि बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व अरविन्द केजरीवाल, सीजेपी के अभिजीत दीपके, सौरभ दास, रांका समेत 3000 से भी ज्यादा प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। ALSO READ: CEC ज्ञानेश के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन, शिंदे का ऐलान, रविवार को फिर CJP का जंतर-मंतर कूच
क्या संरा मानवाधिकार आयोग ने?
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि दिल्ली में आज हो रहे बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, प्रदर्शन के नेताओं, सिविल सोसाइटी संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को बड़ी संख्या में हिरासत में लिए जाने की खबरों से हमें बेहद चिंता है। हम अधिकारियों से अपील करते हैं कि वे शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने के अधिकार का पूरा सम्मान करें और उसे सुनिश्चित करें। ALSO READ: दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर भड़के सोनम वांगचुक, अनशन और पदयात्रा की दी चेतावनी
एजेंसियों को संयम बरतना चाहिए
आयोग ने आगे जोर देकर कहा कि किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पाबंदियां केवल अत्यंत आवश्यकता और आनुपातिकता की कड़ी कसौटी के आधार पर ही लगाई जानी चाहिए। अधिकारियों को भारतीय लोकतांत्रिक परंपराओं की याद दिलाते हुए UN आयोग ने कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के प्रति पूरी तरह संयम बरतना चाहिए। आयोग ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि जिन लोगों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया है, उन्हें बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।
ममता और केजरीवाल रिहा
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्रीद्वय अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी जैसे प्रमुख नेताओं को रिहा कर दिया गया है। हालांकि, सीजेपी नेताओं- अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। दूसरी ओर, सीजेपी के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कार्यकर्ताओं ने रविवार को फिर से जंतर-मंतर की ओर कूच करने की अपील की है।


