चीन कोरिया जैसे दिग्गजों को हराकर भारतीय पुरुष तीरंदाजों ने जीता गोल्ड मेडल

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चीन और दक्षिण कोरियाई तीरंदाज विश्व के सर्वश्रेष्ठ तीरंदाजों की फहरिस्त में आते हैं। लेकिन बुधवार को भारतीय पुरुष तीरंदाजों के खिलाफ सेमीफाइनल में ना दक्षिण कोरिया के तीरंदाज चल पाए और फाइनल में चीन के खिलाफ भारतीय पुरुष तिकड़ी ने लगभग हारा हुआ मैच जीत लिया और भारत को इस एशियाड का दसवां स्वर्ण पदक दिलवा दिया।

कुशल दलाल, साहिल राजेश जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु ने दक्षिण कोरिया को 5 अंको के बड़े अंतर से सेमीफाइनल में हराया। कुल स्कोर 236-229 का रहा। वहीं चीन के खिलाफ मुकाबला करीबी था। अंतिम सेट में चीन सिर्फ एक शुरुआती गलती जिसमें तीरंदाज ने 8 अंक तक बाण भेजा, इससे यह स्पष्ट हो गया था कि भारत को सिर्फ बढ़त बनाए रखनी है और भारत ने ऐसा ही किया। तीरंदाजों का हर बाण 10 अंक पर गिरा और भारत स्वर्ण पदक जीत गया। चीन ने शुरुआती गलती के बाद सभी बाण 10 अंको के गोलार्ध पर गिराए लेकिन यह जीत के लिए काफी ना था।

भारतीय पुरुष टीम फाइनल में दो अंक से पीछे थी लेकिन उसने अंतिम चरण में शानदार वापसी करते हुए चीन को 238-237 से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। चीन की टीम में जियाहाओ लियाओ, जिनयी लियू और जिंग्यू शी शामिल थे। चीन को रजत पदक मिला।

सेमीफाइनल में भारत ने चोई यून ग्यू, चोई योंगही और किम जोंघो की दक्षिण कोरियाई टीम को 236-229 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।पुरुष फाइनल में भारत नौ अंक के दो निशानों के कारण पहले चरण के बाद 58-60 से पीछे था। हालांकि अगले चरण में भारतीय टीम ने छह परफेक्ट 10 के निशाने लगाए जिससे दूसरे चरण के बाद टीम 118-120 से पीछे थी।

तीसरे चरण के बाद भारत ने अंतर घटाकर एक अंक कर दिया और स्कोर 178-179 हो गया। इसके बाद चीन के जियाहाओ लियाओ ने आठ अंक का निशाना लगाया जबकि भारत ने अंतिम छह शॉट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोमांचक जीत दर्ज की।भारतीय टीम के लिए यह जीत इस कारण भी खास रही क्योंकि स्वर्ण के साथ साथ ओलंपिक कोटा भी टीम ने हासिल कर लिया।