चीन का खतरनाक दांव! नए सिल्क रूट से तालिबान से सीधे जुड़ा चीन; क्या वाखान कॉरिडोर से भारत को घेरने की तैयारी है?

चीन का खतरनाक दांव! नए सिल्क रूट से तालिबान से सीधे जुड़ा चीन; क्या वाखान कॉरिडोर से भारत को घेरने की तैयारी है?

China Wakhan Corridor

China Wakhan Corridor: अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत में स्थित ऐतिहासिक वाखान कॉरिडोर (Wakhan Corridor) में 121 किलोमीटर लंबी ऑल-वेदर सड़क का निर्माण पूरा कर उसका उद्घाटन कर दिया गया है। लगभग 55 लाख डॉलर ($5.5 Million) की लागत से तैयार यह सड़क अफगानिस्तान और चीन के शिनजियांग प्रांत के बीच पहला सीधा ज़मीनी मार्ग बन गई है।

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार और चीन के बीच बढ़ रही इस सीधी कनेक्टिविटी ने दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक समीकरणों में हलचल तेज कर दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अफगान विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के साथ मुलाकात के दौरान स्पष्ट किया था कि भारत इस पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए है।

क्या है वाखान कॉरिडोर का ऐतिहासिक व भौगोलिक महत्व?

वाखान क्षेत्र उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में एक बेहद संकरी पट्टी की तरह स्थित है:

  • ऐतिहासिक सिल्क रूट: प्राचीन काल में सिकंदर से लेकर मार्को पोलो तक ने चीन, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया को जोड़ने वाले इसी मार्ग से यात्रा की थी।
  • चार देशों की सीमाएं: इसके उत्तर में ताजिकिस्तान, पूर्व में चीन का शिनजियांग क्षेत्र, और दक्षिण में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK / गिलगित-बाल्टिस्तान) स्थित है।

चीन और तालिबान दोनों के लिए गेम-चेंजर क्यों?

  1. तालिबान की वित्तीय आत्मनिर्भरता: तालिबान सरकार अपने समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, लिथियम और सोने की खदानों के लिए चीनी बाजार तक सीधी पहुंच चाहती है, जिससे पश्चिमी देशों पर उसकी निर्भरता खत्म हो सके।
  2. मलक्का जलडमरूमध्य का विकल्प: चीन को अब समुद्री संकट या मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) पर निर्भर रहे बिना ईरान, मध्य पूर्व और मध्य एशिया के बाजारों व तेल आपूर्ति मार्गों तक पहुंचने का सबसे छोटा ज़मीनी रास्ता मिल गया है।
  3. शिनजियांग की सुरक्षा: चीन इस मार्ग के माध्यम से अपने उइगर बहुल शिनजियांग क्षेत्र में सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण को और मजबूत कर रहा है।

China Wakhan Corridor


विशेषज्ञों की राय : भारत को आगे क्या करना होगा?

रक्षा विशेषज्ञ एन.सी. विपिन द्विवेदी के अनुसार, वाखान कॉरिडोर में चीन और मध्य एशिया के रणनीतिक हित आपस में जुड़ रहे हैं। भारत को अपनी उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा अभेद्य करने के साथ-साथ अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों के साथ कूटनीतिक व आर्थिक जुड़ाव को और बढ़ाना होगा ताकि क्षेत्रीय संतुलन बना रहे।