Champat rai : इस्तीफे के बाद चंपत राय का पहला बयान, क्यों हैं चुप, रामभक्तों को लिखे पत्र में क्या कहा

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के दानपात्रों से कथित दान चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही वह अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब देंगे।

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राम भक्तों के नाम लिखे एक पत्र में चंपत राय ने कहा कि 7 जून 2025 से राम मंदिर परिसर के दानपात्रों से चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित चोरी को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। इस दौरान कई लोगों ने उनके खिलाफ व्यक्तिगत रूप से बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक उन्होंने जानबूझकर चुप्पी साधे रखी।

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चंपत राय ने अपने पत्र में लिखा कि 7 जून 2025 से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्रों में प्राप्त दान की गिनती के दौरान कथित चोरी को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। कई लोगों ने मुझ पर व्यक्तिगत रूप से निराधार आरोप लगाए हैं। मैंने जांच पूरी होने तक मौन रहने का फैसला किया था। 

 

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की हालिया बैठक के दौरान SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट, जिसे पहले 'टॉप सीक्रेट' रखा गया था, अब सार्वजनिक हो चुकी है। राय ने कहा कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह क्रमवार हर आरोप का जवाब देंगे और सच्चाई सभी के सामने होगी।

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अपने सार्वजनिक जीवन का जिक्र करते हुए चंपत राय ने कहा कि उन्हें अक्टूबर 1991 में संगठन की ओर से अयोध्या भेजा गया था और उन्होंने 45 वर्षों तक प्रचारक के रूप में सेवा की है। उन्होंने कहा, “जहां-जहां मैंने काम किया, मेरा जीवन हमेशा एक खुली किताब की तरह रहा है।”

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दान चोरी विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि इस्तीफे मंजूर होते ही दोनों तत्काल प्रभाव से ट्रस्टी नहीं रहे।