प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 8 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाएंगे। बस्तर का यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि यह वही इलाका है जहां कभी नक्सलवाद का प्रभाव रहा था। अब केंद्र सरकार के मुताबिक देश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो चुका है और बस्तर में विकास की गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपने बस्तर दौरे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह अपने बहादुर सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने के लिए बस्तर जा रहे हैं। पीएम मोदी ने इस इलाके में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि कभी यहां नक्सलवाद का प्रभाव था लेकिन अब विकास फल-फूल रहा है।
उन्होंने कहा कि वह देश के लिए सुरक्षा कर्मियों के बलिदान, निस्वार्थ सेवा और अटूट समर्पण को सलाम करने जा रहे हैं। बस्तर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान भी तैनात हैं। इन सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाई है।
नक्सलवाद से मुक्ति के बाद बस्तर में पीएम मोदी की पहली दिवाली
बस्तर में प्रधानमंत्री का जवानों के साथ दिवाली मनाने का फैसला ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार ने इस साल 31 मार्च को देश को नक्सलवाद की समस्या से मुक्त घोषित किया था। सरकार के मुताबिक नक्सलवाद के कई बड़े नेताओं और कैडरों के मारे जाने और सैकड़ों लोगों के आत्मसमर्पण के बाद यह सफलता मिली है। बस्तर लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित इलाकों में शामिल रहा है। इस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों की बड़ी भूमिका रही है। सुरक्षा बलों की तैनाती और अभियानों के जरिए नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ऐसे में प्रधानमंत्री का बस्तर पहुंचकर जवानों के साथ त्योहार मनाना खास महत्व रखता है। यह दौरा उन सुरक्षा कर्मियों के प्रति सम्मान जताने का अवसर है जिन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में अपनी सेवाएं दी हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव से विकास की ओर बढ़ने का भी उल्लेख किया है।
पीएम मोदी ने जवानों के बलिदान और सेवा को किया सलाम
बस्तर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि वह अपने बहादुर सुरक्षा बलों के साथ दिवाली मनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह सुरक्षा कर्मियों के बलिदान, उनकी निस्वार्थ सेवा और देश के प्रति अटूट समर्पण को सलाम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए यह भी कहा था कि पिछले साल की तरह इस बार भी वह देश के बहादुर जवानों के साथ यह त्योहार मनाएंगे। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि वह भी बाकी लोगों की तरह पूरे उत्साह के साथ दीपावली मनाते हैं। उन्होंने देशवासियों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए आने वाले दिनों में सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं कामना करता हूं कि आने वाले दिनों में आप सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां आएं। मैं भी आप सभी की तरह पूरे उत्साह के साथ दीपावली मनाता हूं। उन्होंने आगे कहा कि सभी जानते हैं कि वह हर साल देश के बहादुर जवानों के साथ दिवाली मनाते हैं। इस बार भी वह इस परंपरा को जारी रखेंगे।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षा बलों की रही अहम भूमिका
बस्तर में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस की तैनाती रही है। इन जवानों ने नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियानों में हिस्सा लिया। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 को ऐलान किया था कि देश नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो गया है। सरकार के मुताबिक नक्सल संगठनों के कई नेताओं और कैडरों के मारे जाने तथा सैकड़ों लोगों के आत्मसमर्पण के बाद यह स्थिति बनी। इस पृष्ठभूमि में बस्तर में प्रधानमंत्री का दौरा और जवानों के साथ दिवाली मनाना विशेष महत्व रखता है।

