
IAF officer arrested: देश की सुरक्षा व्यवस्था में एक सनसनीखेज और गंभीर सेंधमारी का मामला सामने आया है। भारतीय वायुसेना (IAF) के एक सेवारत अधिकारी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) की महिला एजेंट के मोहपाश (हनीट्रैप) में फंसकर गोपनीय सैन्य जानकारी साझा करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वायुसेना की ओर से दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
सीमा पार से भारत की सैन्य ताकतों में सेंध लगाने के लिए रची जा रही घिनौनी साजिशों का एक और खौफनाक चेहरा सामने आया है। पुलिस द्वारा शनिवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के एक कार्यरत अधिकारी को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के इशारे पर काम कर रही एक महिला एजेंट ने अपने हुस्न और बातों के जाल में फंसा लिया।
शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी अधिकारी को महिला एजेंट ने सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में लिया था। धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाकर महिला ने अधिकारी को अपने प्यार के झूठे मोहपाश में बांधा और फिर चालाकी से भारतीय वायुसेना और रणनीतिक ठिकानों से जुड़ी अति-संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां हासिल करना शुरू कर दिया।
वायुसेना की सतर्कता से खुली पोल
जैसे ही भारतीय वायुसेना की आंतरिक खुफिया इकाई को अपने अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों और संवेदनशील जानकारियों के लीक होने का अंदेशा हुआ, तुरंत जांच बैठाई गई। जांच में डिजिटल सबूत और संदिग्ध लेन-देन और बातचीत सामने आने के बाद वायुसेना प्रबंधन ने बिना देरी किए पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी वायुसेना अधिकारी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसियों के उड़े होश
अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद देश की तमाम शीर्ष जांच और खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। पुलिस और सैन्य अधिकारी अब अलग-अलग बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रहे हैं। इस बात की जांच की जा रही है कि आरोपी अधिकारी ने पाकिस्तान की इस संदिग्ध महिला एजेंट के साथ किस स्तर और किस तरह के गोपनीय दस्तावेज या रणनीतिक नक्शे साझा किए हैं।
आरोपी के मोबाइल, लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट्स को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है ताकि डिलीट किए गए मैसेज और कॉल रिकॉर्ड्स का पता लगाया जा सके। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस जासूसी के बदले अधिकारी को सीमा पार से कोई मोटी रकम या अन्य फायदे भी पहुंचाए गए थे। इस घटना के बाद भारतीय सशस्त्र बलों में अपने कर्मियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर कड़े दिशा-निर्देश और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

