अयोध्या में ‘मछली भोज’ पर मचा सियासी घमासान! अजय राय पर BJP का हमला, आयोजकों ने बताया क्या है पूरा मामला

अयोध्या में ‘मछली भोज’ पर मचा सियासी घमासान! अजय राय पर BJP का हमला, आयोजकों ने बताया क्या है पूरा मामला

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अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम में मछली बनाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद यूपी की राजनीति गरमा गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई भाजपा नेताओं ने श्रावण मास में मछली भोज को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं आयोजकों ने अजय राय के मछली खाने के दावे को गलत बताया है। अजय राय का भी कहना है कि अयोध्या में मैंने मछली नहीं खाई। ALSO READ: त्योहारों से पहले प्याज ने रुलाया! नासिक में 76% बढ़े दाम, कई राज्यों में कीमतें दोगुनी

 

बताया जा रहा है कि अजय राय ने अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। इसके बाद उनके स्वागत के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में मछली भोज कराए जाने की चर्चा पर बवाल मच गया।

भाजपा का अजय राय पर बड़ा हमला

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के सावन मास में मछली खाने को लेकर भाजपा नेता हमलावर हो गए हैं। भाजपाइयों ने इसे सनातन आस्था का अपमान बताते हुए कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाए। कहा, अयोध्या जैसी धार्मिक नगरी में ऐसे आयोजन से हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष अयोध्या में हनुमान गढ़ी के दर्शन करने जाते हैं और फिर मछली भोज की दावत उड़ाते हैं, ये राम राम चिल्लाते है बेशर्मी की भी सीमा होती है। किसने कहा था हनुमानगढ़ी जाने के लिए और मछली खानी थी तो अयोध्या के बाहर जाकर खा लेते. ये है कांग्रेस का दोहरा आचरण, गिरगिट भी शर्मा जाता होगा।

 

यूपी भाजपा अध्यक्ष और सांसद पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन का अपमान ही अब कांग्रेस की पहचान बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पवित्र श्रावण मास में अयोध्या धाम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत समारोह में मछली भोज का आयोजन किया गया। इसे निंदनीय और अक्षम्य बताते हुए उन्होंने कांग्रेस से संत समाज और देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

 

'मछली भोज' विवाद पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि पवित्र श्रावण मास में अगर आप अयोध्या में मछली की दावत देंगे तो इससे एक बात बहुत साफ है कि आप सनातन के प्रति असहिष्णुता के साथ धर्मनिरपेक्षता के सूरमा बनने की प्रतिस्पर्धा में लगे हैं। ALSO READ: ऊना एक्‍सप्रेस में चूहे ने कुतरी बुजुर्ग की नाक, चंड़ीगढ़ से आ रहे थे इंदौर, इलाज के लिए पहुंचे अस्पताल

सफाई में क्या बोले आयोजक?

कार्यक्रम के आयोजक राम निहाल निषाद व अन्य नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने मछली नहीं खाई है। गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। रामनिहाल निषाद ने कहा कि कार्यक्रम में निषाद समाज के भी लोग बड़ी संख्या में जुटे थे। उनके लिए भोज भी था। इसमें पूड़ी-सब्जी के साथ मछली की भी दावत थी। इसी दौरान मछली बनते हुए किसी ने वीडियो प्रसारित कर दिया। इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

 

आयोजक ने बचाव करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी पसंद का खाना खाने का संवैधानिक अधिकार है। आयोजक का कहना है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था थी। उनका कहना है कि मछली पकड़ना और मछली खाना निषाद समुदाय की पारंपरिक प्रथाओं का हिस्सा है।