मध्यपूर्व से जल्द अच्छी खबर आ सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। कतर की मध्यस्थता में सुलह की बातचीत चल रही है। ईरान अब अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े उन मुद्दों पर भी चर्चा करने के लिए तैयार होता दिख रहा है, जिन पर पहले बातचीत की गुंजाइश नहीं थी। मामले की जानकारी रखने वाले एक राजनयिक के मुताबिक, ईरान कतर की ओर से पेश किए गए अपने परमाणु कार्यक्रम से संबंधित प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।
ईरान के रुख में बदलाव से सुलह की उम्मीद बढ़ी
इस मुद्दे पर ईरान की ओर से किसी तरह की रियायत शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में अहम साबित हो सकती है। जून में अंतरिम शांति समझौता टूटने के बाद से दोनों देशों के बीच बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच सुलह हो जाती है तो यह पूरी दुनिया के लिए अच्छी खबर होगी।
डोनाल्ड ट्रंप और कतर के अमीर के बीच हुई बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कतर के नेता से फोन पर बातचीत की। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के ऑफिस के मुताबिक, दोनों नेताओं ने युद्धरत पक्षों के बीच मतभेद दूर करने और संघर्ष खत्म करने के लिए व्यापक समझौता कराने की कतर की कोशिशों पर चर्चा की। शुक्रवार को हुई इस बातचीत को युद्ध खत्म करने के कूटनीतिक प्रयासों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कतर इस पूरे मामले में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
फरवरी के अंत में शुरू हुई थी यूएस और ईरान की लड़ाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फरवरी के अंत में ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ा। ऊर्जा कीमतों में तेजी आई और दुनिया भर में महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ीं। युद्ध खत्म करने के लिए कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो सका है। ईरान की प्रमुख मांगों में उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना भी शामिल है।
सुलह के लिए कतर के प्रस्तावों पर विचार कर रहा ईरान
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से कहते रहे हैं कि इस युद्ध का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। दूसरी ओर, ईरान कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। हालांकि, युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की परमाणु गतिविधियों की वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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ईरान के रुख में बदलाव से शांति समझौते के लिए रास्ता खुल सकता है
माना जा रहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर ज्यादा पारदर्शिता बरतने और अंतरराष्ट्रीय निगरानी से जुड़े प्रस्तावों पर सहमत होता है, तो शांति वार्ता को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल ईरान की ओर से कतर के प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है।

