अमृतसर में कमिश्नरेट पुलिस और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने बिना जरूरी रजिस्ट्रेशन विदेशी नागरिकों को ठहराने के मामले में कार्रवाई की है। पुलिस ने विदेशी नागरिकों को आवास उपलब्ध करवाने वाले व्यक्ति के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में रह रहे 3 थाई नागरिकों को वापस थाईलैंड डिपोर्ट कर दिया गया है। इमारत में मिले 5 विदेशी नागरिक पुलिस और FRRO की संयुक्त टीम ने अमृतसर के प्रताप नगर, जीटी रोड स्थित एक रिहायशी इमारत की जांच की। इस दौरान वहां 5 विदेशी नागरिक रहते हुए मिले। टीम ने जब उनके यात्रा दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि इनमें से 3 थाई नागरिकों के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वे भारत में रह रहे थे। मामले में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों नागरिकों को वापस थाईलैंड भेज दिया गया। जांच के दौरान एक और बड़ी लापरवाही सामने आई। जिस इमारत में विदेशी नागरिकों को ठहराया गया था, वह विदेशी मेहमानों की जानकारी दर्ज करने के लिए जरूरी फॉर्म-3 पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं थी। इसके अलावा विदेशी नागरिकों के ठहरने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भी नहीं दी गई थी। इस पर पुलिस ने आवास उपलब्ध करवाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना बी-डिवीजन में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 23 के तहत दर्ज किया गया है। होटल, गेस्ट हाउस, पीजी और होमस्टे संचालकों को पुलिस की हिदायत कमिश्नरेट पुलिस और FRRO ने होटल संचालकों, गेस्ट हाउस, पीजी, होमस्टे और निजी संपत्ति मालिकों को निर्देश दिए हैं कि विदेशी नागरिकों को ठहराने से पहले जरूरी रजिस्ट्रेशन और फॉर्म-3 पोर्टल पर उनकी जानकारी दर्ज करवाना सुनिश्चित करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि इन नियमों की अनदेखी राष्ट्रीय सुरक्षा और इमिग्रेशन व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Latest News

