
अहमदाबाद में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के हाथों 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्रों का वितरण किया गया। इस अवसर पर नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थी परिवारों के चेहरों पर खुशी की लहर साफ दिखाई दे रही थी।
उपमुख्यमंत्री ने शरणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप हमेशा अपने दिल से तो भारतीय ही थे, लेकिन आज से आधिकारिक रूप से भी भारत के नागरिक बन गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अब पाकिस्तानी पासपोर्ट रखने का धब्बा और पीड़ा दूर हो जाएगी और हर कोई गर्व से भारतीय पासपोर्ट रख सकेगा।
✔️ અમદાવાદ જિલ્લાએ વર્ષ ૨૦૧૭થી ૨૦૨૫ દરમિયાન ૧,૨૦૦થી વધુ અરજદારોને નાગરિકતા પ્રમાણપત્ર આપીને દેશભરમાં અગ્રેસર સ્થાન મેળવ્યું છે, જે ગૌરવપૂર્ણ બાબત છે. https://t.co/SYgFlfvSox
— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh) October 13, 2026
पाकिस्तान में हुए जुल्म और भारत पलायन की कहानी
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वहां हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध परिवारों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर हमेशा डर बना रहता था। अपने परिवार और बच्चों की सुरक्षा की खातिर ये परिवार भारत विस्थापित होने के लिए मजबूर हुए। कार्यक्रम के दौरान नागरिकता प्राप्त करने वाले परिवारों और बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने भी पाकिस्तान में अपने साथ हुए अत्याचारों और भेदभाव की आपबीती सुनाई तथा भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।
“हमारे लिए आज ही दिवाली है”: शरणार्थियों में खुशी का माहौल
नागरिकता मिलते ही सभी शरणार्थी परिवारों ने अपनी अत्यधिक खुशी जाहिर की। एक बुजुर्ग शरणार्थी ने भावुक होकर कहा कि नागरिकता मिलने से उन्हें नया जीवन मिला है और आज का दिन ही उनके लिए असली दिवाली का दिन है।
साल 2017 में पाकिस्तान से भारत आए रायचंद नामक शरणार्थी ने बताया कि पाकिस्तान में लगातार डर और कठिन परिस्थितियों के बीच जीना पड़ता था, लेकिन भारत सरकार ने उन्हें आश्रय और सभी सुविधाएं प्रदान की हैं। उनका पूरा परिवार भारत आ गया है और नागरिकता मिलने से वे सभी बेहद खुश हैं।


