आतंकियों को पनाह देने वालों पर रक्षामंत्री राजनाथ का कड़ा प्रहार, SCO की बैठक में बोले- नहीं चलेगा दोहरा रवैया…

आतंकियों को पनाह देने वालों पर रक्षामंत्री राजनाथ का कड़ा प्रहार, SCO की बैठक में बोले- नहीं चलेगा दोहरा रवैया...

Defence Minister Rajnath Singh's statement on terrorism at SCO Council meeting

Defence Minister Rajnath Singh : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे के दौरे पर हैं। उन्‍होंने आज एससीओ शासन प्रमुखों की परिषद की बैठक को संबोधित करते कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एससीओ की 25वीं शासनाध्यक्ष परिषद बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को दृढ़तापूर्वक और सामूहिक रूप से ध्वस्त किया जाना चाहिए। सिंह ने कहा कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता, इससे निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे के दौरे पर हैं। उन्‍होंने आज एससीओ शासन प्रमुखों की परिषद की बैठक को संबोधित करते कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एससीओ की 25वीं शासनाध्यक्ष परिषद बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

ALSO READ: मोदी ने नक्सलवाद से मुक्ति दिलाई, अनुच्छेद 370 हटाया : राजनाथ सिंह

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को दृढ़तापूर्वक और सामूहिक रूप से ध्वस्त किया जाना चाहिए। सिंह ने कहा कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता, इससे निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता। बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सहयोग पर भी चर्चा हो रही है।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादियों को वित्तपोषित करने, उनका समर्थन करने या उन्हें शरण देने वालों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। आतंकवाद शांति और विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद समाजों को कट्टरपंथी बनाता है और हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित करता है जिनके वे हकदार हैं।

ALSO READ: Pakistan को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चेतावनी, आतंक और धमकियों पर नहीं झुकेगा भारत

जब सिंह यह वक्तव्य दे रहे थे, उस समय पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार भी वहां मौजूद थे। सिंह ने कहा, भारत का मानना है कि हमारी आर्थिक सहभागिता समावेशी होने के साथ-साथ प्रत्येक सदस्य देश के लिए फायदेमंद होनी चाहिए। हमें अधिक लचीली आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण, व्यापार और निवेश को सुगम बनाने और विकास के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की दिशा में काम करना चाहिए।

ALSO READ: बांग्लादेश की तर्ज पर ‘सत्ता परिवर्तन’ चाहते हैं विरोधी दल, दिल्ली के हालातों पर भड़के रक्षा मंत्री राजनाथ

25 फरवरी 2026 को, एससीओ सदस्य देशों के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के कार्यान्वयन पर 2026-2030 की मसौदा कार्य योजना पर चर्चा करने के लिए एससीओ के सदस्य देशों के विशेषज्ञों की एक बैठक आयोजित की गई थी।