
अमेरिका ईरान शांति समझौते के बाद तल्ख तेवर दिखाने वाला इजराइल आखिरकार हिजबुल्ला से सीजफायर के लिए राजी हो गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और कतर इजराइल को समझाकर युद्ध विराम के लिए राजी किया तो ईरान ने हिजबुल्ला को मनाया। अब लेबनान और ईरान के अधिकारी युद्ध विराम पर चर्चा के लिए 23 से 25 जून के बीच अमेरिका में मुलाकात करेंगे।
अमेरिका ईरान शांति समझौते की एक प्रमुख शर्त लेबनान में शांति भी थी। डील होती ही इजराइल ने लेबनान पर हमले तेज कर दिए। बताया जा रहा है कि इजराइल द्वारा लेबनान पर किए जा रहे हमलों से ईरान काफी नाराज था। इजराइल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की बात भी नहीं सुन रहा था। इस पर ईरान ने स्विट्जरलैंड में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया।
इजराइल से क्या बोले ट्रंप?
इजराइल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही समय बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- उन्होंने लेबनान में सक्रिय इस विद्रोही समूह के साथ संघर्ष रोकने के
लिए इजराइल से सहमति बनाने का आग्रह किया था। ट्रंप ने इजराइली अधिकारियों से कहा कि आपको कभी कभी शांत होकर अपने दिमाग का भी इस्तेमाल करना चाहिए।
कतर और ईरान ने भी बढ़ा दबाव
अमेरिका के साथ ही कतर ने भी इजराइल पर युद्ध विराम के लिए दबाव बढ़ाया वहीं ईरान ने इस मामले में हिजबु्ल्ला को समझाकर किसी तरह सीजफायर के लिए राजी किया। बहरहाल दोनों देश युद्ध रोकने पर राजी हो गए और दुनिया ने राहत की सांस ली।
हालांकि कहा जा रहा है कि इजरायल दक्षिणी लेबनान में बने 'सिक्योरिटी जोन' में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा। अगर लेबनान की ओर से हमला हुआ तो इजराइल भी जवाब देने में देर नहीं करेगा।
गौरतलब है कि इजराइल के लेबनान पर हुए हमले के बाद दोनों देशों की बीच जंग भीषण हो गई थी। लेबनान के हमले में 4 इजराइली सैनिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद इजराइली सेना ने लेबनान में करीब 150 स्थानों पर हमला किया था।
edited by : Nrapendra Gupta

