IMD Rain Alert: इन राज्यों में 8 से 14 नवंबर के बीच होगी भारी बारिश, 12 से बर्फबारी भी शुरू! IMD ने तमिलनाडु से कश्मीर तक दिया ये पूर्वानुमान

IMD Rain Alert: देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले सात दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 से 14 नवंबर के बीच दक्षिण भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 नवंबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं 8 नवंबर को केरल, माहे और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों की बात करें तो 12 नवंबर को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। IMD ने 12 नवंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट भी दिया है। इसके अलावा 10 से 14 नवंबर के बीच इन क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी अलग-अलग तारीखों पर बारिश का अनुमान है। वहीं पश्चिम और मध्य भारत में इस सप्ताह किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

तमिलनाडु से केरल तक भारी बारिश का अलर्ट, 8 से 10 नवंबर तक बरसेंगे बादल

दक्षिण भारत के राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक 8 नवंबर को केरल और माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में काफी व्यापक से व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 9 से 14 नवंबर के बीच इन क्षेत्रों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 8 से 10 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं केरल और माहे, लक्षद्वीप में 8 नवंबर को भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान तमिलनाडु में भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान राज्य में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।

आंधी, बिजली और 50 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

दक्षिण भारत में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका है। IMD के मुताबिक 8 से 10 नवंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, केरल और माहे, लक्षद्वीप, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और झोंकों के साथ यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा 11 और 12 नवंबर को केरल और माहे में कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। 8 नवंबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी ऐसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में 8 से 10 नवंबर के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कब होगी बारिश?

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 से 9 नवंबर के दौरान तटीय कर्नाटक में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। वहीं 8 नवंबर को उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 8 से 14 नवंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां अलग-अलग दिनों में जारी रहने का अनुमान है।

12 नवंबर को कश्मीर घाटी में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी इलाकों में 10 नवंबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। IMD के मुताबिक 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से 10 और 11 नवंबर, 14 नवंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 12 और 13 नवंबर को इन क्षेत्रों में काफी व्यापक से व्यापक स्तर पर बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 12 नवंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कश्मीर घाटी में इसी दिन भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में 11 से 14 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है। यहां 12 और 13 नवंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है। उत्तराखंड में 8 से 10 नवंबर और फिर 13 से 14 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं पंजाब में 12 से 14 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं का अलर्ट

बारिश के साथ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 10 से 14 नवंबर के दौरान इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान दिया है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी 12 और 13 नवंबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।

अंडमान-निकोबार में 8 से 14 नवंबर तक बारिश

पूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पूरे सप्ताह बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। IMD के मुताबिक 8 से 14 नवंबर के दौरान यहां काफी व्यापक से व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा 9 से 13 नवंबर के बीच द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, बिहार और ओडिशा में भी अलग-अलग तारीखों पर बारिश का पूर्वानुमान है। गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 से 12 नवंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

झारखंड में 10 और 11 नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। बिहार में 11 नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। ओडिशा में 10 से 12 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है।

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश, 11 नवंबर को भारी बारिश की आशंका

पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 9 नवंबर से बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। IMD के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय में 9 से 12 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 13 नवंबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इन चार राज्यों में 11 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का भी अनुमान जताया गया है।

देश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में बड़े बदलाव की संभावना नहीं

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इस सप्ताह पश्चिम और मध्य भारत में किसी महत्वपूर्ण मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं है। पूर्वी भारत के तापमान को लेकर IMD ने अगले कुछ दिनों में गिरावट का अनुमान दिया है। बुलेटिन में पूर्वी भारत के लिए तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट का उल्लेख किया गया है। इसके बाद तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में किसी महत्वपूर्ण बदलाव का अनुमान नहीं है।

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