Gold Exchange: त्योहारी सीजन में सोने के गहने खरीदना शुभ माना जाता है। कई लोग इस मौके पर पुरानी ज्वेलरी बदलकर नए डिजाइन के गहने खरीदते हैं। इससे पूरी रकम जेब से खर्च नहीं करनी पड़ती।
हालांकि, पुराना सोना बदलने पर उसकी पूरी बाजार कीमत मिलना जरूरी नहीं है। ज्वेलर सोने की शुद्धता, वजन और कई तरह की कटौती के आधार पर कीमत तय करता है। ऐसे में पुरानी ज्वेलरी एक्सचेंज करने से पहले इन 6 बातों का ध्यान रखें।
1. सोने की शुद्धता की जांच कराएं
सबसे पहले पुरानी ज्वेलरी की शुद्धता चेक कराएं। ज्वेलर से कहें कि वह आपके सामने सोने की जांच करे। सिर्फ पुराने बिल या दुकानदार की बात पर भरोसा न करें। अगर गहने पर BIS हॉलमार्क है, तो उसका HUID नंबर BIS Care ऐप पर चेक कर सकते हैं।
2. वजन की सही जानकारी लें
ज्वेलरी का कुल वजन और उसमें मौजूद सोने का वजन अलग हो सकता है। गहनों में लगे पत्थर, मोती और दूसरी चीजों का वजन सोने की कीमत में शामिल नहीं होता। इसलिए ज्वेलर से कुल वजन, गैर-सोने वाले हिस्से का वजन और सोने का वास्तविक वजन अलग-अलग पूछें।
3. सोने का बाजार भाव चेक करें
पुराना सोना बदलते समय जरूरी नहीं है कि ज्वेलर नए सोने वाला भाव ही दे। वह पुराने सोने के लिए अलग रेट लगा सकता है। इसलिए पहले बाजार भाव चेक करें। 22 कैरेट सोने की तुलना 24 कैरेट के भाव से न करें। दोनों की शुद्धता अलग होती है।
4. कटौती के बारे में पूछें
पुराने सोने पर मेल्टिंग, रिफाइनिंग या टेस्टिंग के नाम पर कटौती हो सकती है। ज्वेलर से पूछें कि कितनी कटौती होगी। यह भी जानें कि कटौती प्रतिशत में है या तय रकम के रूप में। सिर्फ ‘स्टैंडर्ड कटौती’ कहने पर बात न मानें।
5. नए गहने की कीमत अलग से समझें
पुराने सोने की अच्छी कीमत मिलने का मतलब यह नहीं कि नया गहना सस्ता पड़ेगा। नए गहने में सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज, पत्थरों की कीमत और GST अलग हो सकते हैं। पूरा बिल समझने के बाद ही एक्सचेंज करें।
6. एक्सचेंज पॉलिसी और बिल जरूर देखें
हर ज्वेलर की एक्सचेंज पॉलिसी अलग हो सकती है। कुछ दुकानदार दूसरे स्टोर से खरीदे गए गहने भी लेते हैं। वहीं, कुछ अपनी दुकान की ज्वेलरी को प्राथमिकता देते हैं। एक्सचेंज के समय वजन, शुद्धता, रेट और कटौती का लिखित रिकॉर्ड लें। नए गहने का बिल भी जरूर रखें।
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