
Weather Update 7 November : देश के मौसम में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर, उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन सुबह और रात के समय हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है।
दक्षिण भारत में झमाझम बारिश का अनुमान
आईएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई हिस्सों में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 7 से 10 नवंबर तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 30-40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
7 और 8 नवंबर को केरल और माहे के अधिकांश क्षेत्रों में व्यापक बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लक्षद्वीप में भी इस दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 7 से 9 नवंबर के बीच बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं।
उत्तर और पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है और मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। हालांकि, नवंबर की शुरुआत के साथ ही पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रातों और सुबह के समय ठंड का अहसास होने लगा है।
दिल्ली-NCR में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, 8 नवंबर की सुबह हल्के से मध्यम कोहरे की चादर देखने को मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में मौसम शुष्क है। दिन में धूप खिलने से तापमान सामान्य (लगभग 28-31°C) रहता है, जबकि रात के वक्त पारा गिरकर 15-18°C के आसपास पहुंच रहा है, जिससे हल्की ठंडक महसूस हो रही है।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मी के पहाड़ों पर रात और सुबह के समय ठंड काफी बढ़ गई है। शिमला जैसे पर्यटक स्थलों पर न्यूनतम तापमान गिरकर 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 12 नवंबर के आसपास कश्मीर में एक नए पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है।


