ईरान पर फिर हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप ने दी चेतावनी, बोले- ‘हम पूरी तरह तैयार हैं’, कतर के जरिए आया परमाणु प्रस्ताव

ईरान पर फिर हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप ने दी चेतावनी, बोले- 'हम पूरी तरह तैयार हैं', कतर के जरिए आया परमाणु प्रस्ताव

Iran-US Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका को लगता है कि आगे सैन्य कार्रवाई की जरूरत है तो उसकी सेनाएं हमले फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत के रास्ते भी खुले हुए हैं। खबरों के मुताबिक, ईरान ने कतर के माध्यम से अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक नया प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है। ऐसे में क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ने और सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है।

ALSO READ: CJI सूर्यकांत पर पोस्ट से सुप्रीम कोर्ट हुआ नाराज, केरल कांग्रेस से पूछा- अवमानना की कार्रवाई क्यों न हो, पढ़िए पूरा मामला

ईरान पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला: ट्रंप

गुरुवार, 5 नवंबर को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य ताकत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले के मुकाबले कहीं अधिक हथियार बना रहा है और भविष्य में किसी भी सैन्य अभियान के लिए उसकी तैयारियां पूरी हैं।

 

ट्रंप ने कहा, “हम इस समय अपनी सेना के लिए पहले से कहीं ज्यादा हथियार बना रहे हैं। अगर हमें ईरान के मामले में बाकी कार्रवाई करनी पड़ी तो हम पूरी तरह तैयार हैं।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं उनके प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं। तेहरान की ओर से भेजे गए नए प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े किसी भी घटनाक्रम पर अंतिम फैसला अमेरिका की मंजूरी से ही होगा।

 

ट्रंप ने कहा, “वे हमारी मंजूरी के बिना कुछ नहीं कर सकते। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे क्या करने की सोच रहे हैं। उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा।”

 

हालांकि ट्रंप ने कहा कि वह संभव हो तो ईरान में और तबाही नहीं चाहते, लेकिन उन्होंने सैन्य अभियान को आगे बढ़ाने की संभावना भी खारिज नहीं की। उन्होंने कहा कि आगे क्या करना है, इसका फैसला जल्द लिया जाएगा। ट्रंप ने कहा, “अगर संभव हुआ तो मैं देश के बाकी हिस्से को तबाह नहीं करना चाहूंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा करना पड़े। आपको जल्द ही पता चल जाएगा।”

ईरान संघर्ष बना ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौती

ट्रंप के ये बयान 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को लगे बड़े झटके के बाद आए हैं। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल किया। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चुनावी नुकसान के पीछे ईरान संघर्ष को भी एक कारण बताया। उनके मुताबिक, इस संघर्ष का असर ईंधन की कीमतों और आम लोगों के जीवनयापन की बढ़ती लागत पर पड़ा है।

 

ट्रंप ने स्वीकार किया कि सैन्य टकराव के कारण पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए वह दोबारा भी यही निर्णय लेंगे।

 

रूस-यूक्रेन युद्ध से तुलना करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि ईरान संघर्ष में पिछले छह से सात महीनों में कोई मौत नहीं हुई, जबकि यूक्रेन में कथित तौर पर हर महीने करीब 25 हजार लोग मारे जा रहे हैं। उन्होंने ईरान की स्थिति को पारंपरिक युद्ध बताने से भी इनकार किया।

कतर के जरिए ईरान ने भेजा नया परमाणु प्रस्ताव

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कतर के माध्यम से अमेरिका को परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक नया प्रस्ताव भेजा है। बताया जा रहा है कि यह पहल व्यापक शांति समझौते की शर्तों से अलग है। इस प्रस्ताव पर आगे की प्रगति तेहरान की बाकी सात मांगों पर सहमति बनने पर निर्भर करेगी।

 

हालांकि, ट्रंप के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी रहने के बावजूद सैन्य कार्रवाई का खतरा अभी टला नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि अमेरिका और ईरान बातचीत के जरिए तनाव कम करते हैं या फिर दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव का नया दौर शुरू होता है।