
जंतर-मंतर पर 13 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के मामले में क्राइम ब्रांच ने CJP नेताओं से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नेता सुबह करीब 11 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे थे। पूछताछ दोपहर करीब 3 बजे समाप्त हुई।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान नेताओं से करीब 70 सवाल किए गए। हालांकि, उन्होंने कुछ सवालों का जवाब नहीं दिया। CJP नेताओं को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े दो एफआईआर के सिलसिले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
जंतर-मंतर पहुंचने के लिए निजी संपत्ति से गुजरने का आरोप
ये दोनों मामले 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े हैं। आरोप है कि प्रदर्शनकारी उस स्थान तक पहुंचने के लिए निजी संपत्ति से होकर गए थे, जबकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कुछ प्रतिबंध लागू थे। शुरुआत में ये एफआईआर कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में दर्ज की गई थीं। बाद में जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। CJP नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था और वहां राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी फहराया था।
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जांच में सहयोग करने की कही बात
पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए रांका ने इसे 13 अक्टूबर की घटना से जुड़ी सामान्य जांच बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता जांच में पूरा सहयोग करेंगे। रांका ने कहा, “हम पहले भी कह चुके हैं और फिर कह रहे हैं कि जो भी जांच हो रही है, उसमें हम सहयोग करेंगे। कहीं भी तिरंगा फहराना अपराध नहीं होना चाहिए।
हमें पूरी उम्मीद है कि जांच सही तरीके से होगी और हम इसमें सहयोग करेंगे।” पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नेताओं से पूछताछ इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों ने की। इससे पहले भी नेताओं को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजा गया था, लेकिन उन्होंने अधिक समय मांगा था और पेश नहीं हुए थे। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।


