8th Pay Commission: 1 साल पूरा होने पर सरकारी कर्मचारियों के लिए 5 बड़े अपडेट, जानिए कब और कितनी बढ़ेगी सैलरी

8th Pay Commission Latest Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अपना 1 साल पूरा कर लिया है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था।

पिछले 1 साल में आयोग ने अपना शुरुआती ढांचा तैयार करने से लेकर ऑनलाइन प्रश्नावली जारी करने, विभिन्न शहरों में कर्मचारी यूनियनों से बैठकें करने और सुझाव मांगने का काम पूरा कर लिया है। हालांकि, न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशन बढ़ोतरी पर अंतिम सिफारिशें आना अभी बाकी है।

आइए जानते हैं कि 8वें वेतन आयोग के 1 साल के सफर में अब तक क्या-क्या हुआ और आगे की क्या समयसीमा है।

1. 3 नवंबर 2025 को हुआ था आधिकारिक गठन

केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 28 अक्टूबर 2025 को नियम एवं शर्तों (ToR) को मंजूरी दिए जाने के बाद, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी। तीन सदस्यीय आयोग का ढांचा इस प्रकार है:

  • अध्यक्ष: जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज)
  • अंशकालिक सदस्य: प्रोफेसर पुलक घोष
  • सदस्य-सचिव: पंकज जैन

यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों, रक्षा बलों, ऑल इंडिया सर्विसेज, केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के कर्मचारियों और कुछ न्यायिक व नियामक संस्थाओं के कर्मियों के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे की समीक्षा कर रहा है।

2. प्रश्नावली और ज्ञापन की प्रक्रिया पूरी

आयोग ने 5 फरवरी 2026 को MyGov पोर्टल पर 18 प्रश्नों की एक विस्तृत प्रश्नावली जारी की थी। कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और शोधकर्ताओं से सुझाव मांगने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 थी, जो अब बंद हो चुकी है। कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से ऑनलाइन ज्ञापन मांगे गए थे। शुरुआत में इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 रखी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया गया था।

केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग से फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.86 से 3.68 करने की जोरदार मांग की है, ताकि सातवें वेतन आयोग के समय लागू 2.57 के आंकड़े के मुकाबले महंगाई से राहत मिल सके। अगर सरकार इस मांग को हरी झंडी देती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से सीधे बढ़कर ₹34,000 से ₹51,000 के दायरे में पहुंच सकती है। इसके साथ ही बेसिक पे में बढ़ोतरी के चलते कर्मचारियों के भत्तों, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन में भी बंपर इजाफा देखने को मिलेगा।

3. देश के प्रमुख शहरों में हुई परामर्श बैठकें

आयोग ने कर्मचारियों और यूनियनों की चिंताओं को सीधे समझने के लिए देश भर के प्रमुख शहरों का दौरा किया है। लद्दाख, लखनऊ, भुवनेश्वर, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़, बेंगलुरु और मुंबई में कर्मचारियों और संगठनों के साथ बैठक की।

आयोग ने 7-8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु और 22-23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में अपनी अंतिम सूचीबद्ध बैठकें और विचार-विमर्श आयोजित किए।

4. रिसर्च और प्रशासनिक कार्यों के लिए सलाहकारों की नियुक्ति

आयोग ने अपनी प्रशासनिक और तकनीकी शोध संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अप्रैल 2026 में कंसल्टेंट्स की भर्ती के लिए गाइडलाइंस जारी की थीं, जिन्हें 11 अगस्त 2026 को आंशिक रूप से संशोधित किया गया।

5. आगे क्या होगा और कब आएगी फाइनल रिपोर्ट?

आयोग को अपना गठन होने की तारीख से 18 महीने के भीतर यानी 3 मई 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपनी होंगी। नियमों के मुताबिक, अगर आयोग चाहे तो विशिष्ट मुद्दों पर काम पूरा होने के बाद अंतिम रिपोर्ट से पहले अंतरिम सिफारिशें भी प्रस्तुत कर सकता है।

सरकार या आयोग ने अभी तक वेतन संशोधन फॉर्मूला, फिटमेंट फैक्टर या संशोधित न्यूनतम मूल वेतन पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। सिफारिशें मिलने के बाद केंद्र सरकार उन्हें जांचेगी और कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही इसे लागू किया जाएगा।

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