
न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्शदीप सिंह ने 4 विकेट लिए और विराट कोहली ने शानदार 74 रनों की पारी खेली लेकिन फिर भी मैन ऑफ द मैच अंशुल कम्बोज को क्यों मिला। जबकि उनसे ज्यादा (3) विकेट गुरनूर बरार ने लिए। वह इस कारण क्योंकि उन्होंने अपने 10 ओवर के कोटे में सिर्फ 22 रन दिए और 2 विकेट झटके।
पहले उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेन सैंटनर को बोल्ड कर एकदिवसीय प्रारुप में अपना पहला विकेट लिया उसके बाद नेथन स्मिथ के बल्ले का किनारा निकलवाया जिसे कोहली ने शानदार तरीके से लपका। यह प्रदर्शन पिछले 10 साल में किसी भी भारतीय गेंदबाज द्वारा सबसे किफायती प्रदर्शन था। इससे पहले साल 2016 में जसप्रीत बुमराह ने जिम्बाब्वे के खिलाफ यही गेंदबाजी प्रदर्शन किया था।
अंशुल कम्बोज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना एकदिवसीय पदार्पण किया था जो भुलाने लायक रहा था। वह डेब्यू पर दूसरे सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए थे जब उन्होंने 9 ओवर में 82 रन रन दिए। इससे पहले वाले एकदिवसीय मैच में आकिब नबी ने यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था जब उन्होंने 8.3 ओवर में 88 रन देकर डेब्यू पर सबसे महंगा गेंदबाजी प्रदर्शन रहा था।
लेकिन आज अंशुल कम्बोज ने एक दम कसी हुई गेंदबाजी की। उनके स्पैल में सिर्फ डैरिल मिचल ही एक चौका मार पाए।
Anshul Kamboj Today (10-2-22-2) Best Eco.rate by IND Pacer in an ODI Inning (Since 2010 || All 10 overs bowled) 2.2 – v NZ (2026)* 2.2 – Jasprit Bumrah v ZIM (2016) 2.5 – Bhuvneshwar v WI (2014) 2.6 – Mohit Sharma v ZIM (2013) 2.7 – Jasprit Bumrah v SL (2017) #NZvsIND
— (@Shebas_10dulkar) November 4, 2026
अगर कम्बोज के प्रथम श्रेणी करियर की बात की जाए तो दाएं हाथ की तेज गेंदबाजी करने वाले हरियाणा के इस तेज गेंदबाज ने 24 प्रथम श्रेणी मैचों में 22.88 की औसत से 79 विकेट लिए हैं, जिसमें दो पंजा और एक 10-विकेट हॉल शामिल है।
उन्होंने केरल के खिलाफ एक रणजी ट्रॉफी मैच की एक पारी में 10 विकेट लिए थे। वहीं 2024-25 के दलीप ट्रॉफ़ी में उन्होंने तीन मैचों की आठ पारियों में 16 विकेट लिए थे, जिसमें एक पारी में 8 विकेट-हॉल शामिल था।
उन्होंने अपने इस प्रदर्शन की मदद से प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट का खिताब जीता और चयनकर्ताओं की नजर में अपनी जगह बनाई।

