Dhanteras 2026: भारत में धनतेरस पर सोना खरीदने की परंपरा रही है। धनतेरस पर गोल्ड ज्वेलरी की खरीदारी से अच्छा रिटर्न भी मिलता है। 10 साल पहले धनतेरस पर गोल्ड ज्वेलरी खरीने वाले लोगों को अपने निवेश पर 3.5 गुना रिटर्न मिला है। इस दौरान सोने ने सालाना 16.58 फीसदी का रिटर्न दिया है। धनतेरस इस बार 6 नवंबर को है।
10 साल पहले धनतेरस पर सोना खरीदने वाले आज मालामाल
अगर किसी निवेशक ने 2016 में धनतेरस पर सोना खरीदा होता तो आज उसका निवेश करीब 4.5 गुना हो गया होता। इस दौरान सोने की कीमतों में करीब 365 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। MCX के आंकड़ों के मुताबिक, 2016 में धनतेरस के दिन सोने का भाव 29,989 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 3 नवंबर, 2026 को भाव 1,39,420 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
10 साल पहले सोने की कीमत 30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम थी
Augmont की चीफ रिसर्च ऑफिसर रेनीशा चेनानी के मुताबिक, 2016 में धनतेरस के दिन दिल्ली में सोने की कीमत करीब 30,590 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस साल धनतेरस से पहले मुंबई में सोने का स्पॉट भाव करीब 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस हिसाब से 10 साल पहले सोना खरीदने वाले निवेशकों को करीब 348 फीसदी रिटर्न मिला है।
बीते 10 साल में सोने ने दिया सालाना 16% से ज्यादा रिटर्न
बीते 10 साल में सोने का सालाना रिटर्न करीब 16.2 फीसदी बैठता है। अगर किसी निवेशक ने उस समय सोने में ₹1 लाख लगाए होते, तो उसकी वैल्यू आज करीब ₹4.5 लाख हो गई होती। यह तब है जब सोने में इस साल जनवरी के बाद तेज गिरावट आई है। जनवरी के आखिर में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं।
बीते 10 साल में सोने ने महंगाई को बड़े अंतर से पछाड़ा
पिछले 10 साल में सोने ने महंगाई के मुकाबले भी कहीं बेहतर रिटर्न दिया है। चेनानी के मुताबिक, इस अवधि में सोने का सालाना रिटर्न 16.58 फीसदी रहा है, जबकि कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स (CII) में सालाना औसतन 3.82 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2016-17 में कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स 264 था, जो वित्त वर्ष 2026-27 में बढ़कर 384 हो गया। इस तरह 10 साल में इसमें करीब 45 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
बीते 10 साल में डॉलर के मुकाबले रुपया 42% कमजोर
चेनानी के मुताबिक, सोने ने महंगाई को हर साल करीब 12 फीसदी के अंतर से पीछे छोड़ा है। हालांकि, इस बेहतर प्रदर्शन में रुपये की कमजोरी का भी योगदान रहा है। पिछले 10 साल में डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 42 फीसदी कमजोर हुआ है। भारत में सोने की कीमतों में तेजी की एक वजह रुपये की कमजोरी भी रही है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के प्रदर्शन को देखें तो वहां भी इसने शानदार रिटर्न दिया है।
बीते 10 साल में कई बार सोने की कीमतों में आई गिरावट
कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमत पिछले 10 साल में करीब 212 फीसदी बढ़कर 3,960.50 डॉलर प्रति औंस हो गई। यानी डॉलर में भी सोने ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है।
पिछले एक दशक में सोने की कीमतों में कई बार गिरावट भी आई। साल 2021 में सोने की कीमतों में 5.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद 2024 और 2025 में सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। इन दोनों साल में सोने ने क्रमशः 30.6 फीसदी और 61.5 फीसदी का रिटर्न दिया।

