आखिरकार फॉर्म में लौटे यशस्वी जायसवाल, शतक जडकर INDvsNZ मैच कराया ड्रॉ

Yashswi Jaiswal

न्यूज़ीलैंड A और इंडिया A के बीच दूसरा चार-दिवसीय मुक़ाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ, जिसमें चौथे दिन यशस्वी जायसवाल और यश राठौड़ ने नाबाद शतक जड़े। चायकाल के 10 गेंद बाद जब राठौड़ ने अपना 12वां प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया, तब टीमों ने हाथ मिलाने का फ़ैसला किया, उस समय इंडिया A 204 रन आगे थी।

सुबह बारिश के कारण 90 मिनट से ज़्यादा का खेल ख़राब होने के बाद जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तो इंडिया A दबाव में थी। घने बादलों के बीच तेज़ हवाएं चल रही थीं, और बी साई सुदर्शन को एक कड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ा। लेग गली, मिडविकेट और स्क्वायर लेग पर फ़ील्डर लगाकर जैरोड मैके ने गेंद को उनके पैड की तरफ़ स्विंग कराया।

अपने छोटे से टेस्ट करियर में साई सुदर्शन के ख़िलाफ़ टीमों ने अक्सर इस रणनीति का इस्तेमाल किया है, और मैके को इसमें जल्द ही सफलता मिल गई। साई सुदर्शन ने दिन की छठी गेंद को सीधे लेग गली पर खड़े टिम रॉबिन्सन के हाथों में खेल दिया और 34 गेंदों पर 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

अगले ही ओवर में, देवदत्त पड़िक्कल पहली ही गेंद पर गोल्डन डक पर बोल्ड हो गए। ब्रेट रैंडेल ने ऑफ़ स्टंप पर गेंद को पिच कराया, जो पड़िक्कल के बाहरी किनारे को छकाते हुए थोड़ी सी सीधी रही और उनका ऑफ़ स्टंप उखाड़ दिया। इंडिया A ने तीन गेंदों के भीतर ही दो विकेट गंवा दिए थे, जबकि वे अभी भी 43 रन पीछे थे।

हालांकि, जायसवाल ने जल्दी ही यह दबाव वापस विरोधी टीम पर डाल दिया। अपनी पहली ही गेंद का सामना करते हुए वे क्रीज़ से बाहर निकले और मैके की गेंद पर मिड-ऑन के पास से पंच-ड्राइव लगा दिया। एक अनुशासित रैंडेल की लाइन-लेंथ बिगाड़ने के लिए उन्होंने क्रीज़ में चहलक़दमी भी की। उनका साथ पाकर राठौड़ भी क्रीज़ पर जम गए और खुलकर खेले।

उनकी 247 रनों की अटूट साझेदारी की शुरुआती ख़ासियत उनकी विकेटों के बीच दौड़ थी। जायसवाल और राठौड़ दोनों अक्सर गेंद को कवर या स्क्वायर लेग के सामने धकेल कर चुराए हुए सिंगल्स ले रहे थे। इससे न्यूज़ीलैंड A के फ़ील्डर्स हमेशा चौकन्ने रहे। इस वजह से कुछ मौक़ों पर दोनों के बीच तालमेल की कमी भी देखने को मिली, जिनमें से एक मौक़े पर राठौड़ को 37 के निजी स्कोर पर रन-आउट हो जाना चाहिए था। मैके और रैंडेल के अपने पहले स्पेल ख़त्म करने के बाद, इंडिया A के लिए रन बनाना आसान हो गया।

इस दौरे पर अब तक 17, 5 और 0 रन बनाने वाले जायसवाल अपने सबसे आक्रामक रूप में दिखे। रैंडेल या मैके की किसी भी शॉर्ट गेंद को उन्होंने मिडविकेट और बैकवर्ड स्क्वायर लेग के बीच के इलाक़े में पुल किया, और ऑफ़ स्टंप के बाहर मिली थोड़ी सी भी जगह मिलने पर ज़ोरदार प्रहार करते हुए गेंद को गली के पास से निकाल दिया।

साइड स्ट्रेन की वजह से तेज़ गेंदबाज़ फ़्रेज़र शीट, जिन्होंने पहली पारी में चार विकेट लिए थे, और हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण बाएं हाथ के स्पिनर जेडन लेनॉक्स के बिना न्यूज़ीलैंड A को गेंदबाज़ी करनी पड़ी।

जायसवाल ने ऑफ़स्पिनर डीन फ़ॉक्सक्रॉफ़्ट को भी जमने नहीं दिया और उनके ख़िलाफ़ चार छक्कों की मदद से 33 गेंदों में 47 रन लूट लिए, जिसमें मिडविकेट के ऊपर से लगाया गया वह छक्का भी शामिल था जिससे उन्होंने 119 गेंदों में अपना शतक पूरा किया।

इस बीच, राठौड़ काफ़ी ठोस दिखे और इस साझेदारी के दौरान जायसवाल को स्ट्राइक देते रहे। लेकिन उन्होंने भी रन बनाने वाले किसी भी शॉट को हाथ से जाने नहीं दिया। विदर्भ के इस बल्लेबाज़ की यह तक़रीबन एक त्रुटिहीन पारी थी, जो इस दौरे पर पिछले मैच में पहले ही एक अर्धशतक बना चुके हैं।जायसवाल और राठौड़ की साझेदारी रन अ बॉल से भी तेज़ गति से आई, और खिलाड़ियों के हाथ मिलाने से पहले ही मैच का नतीजा पूरी तरह से साफ़ हो चुका था।