
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच Gautam Gambhir एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भारत की जीत के बाद उन्होंने टीम चयन और खिलाड़ियों को मौके देने के फैसलों पर अपनी राय रखी। खासतौर पर युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को प्लेइंग इलेवन में ज्यादा अवसर नहीं मिलने के मुद्दे पर उठ रहे सवालों के बीच गंभीर ने साफ कर दिया कि उनका ध्यान आलोचनाओं या लोगों को खुश करने पर नहीं, बल्कि टीम के हित में सही निर्णय लेने पर रहता है।
गंभीर ने कहा कि जो खिलाड़ी लंबे समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, वे अधिक अवसर और भरोसे के हकदार हैं। उनके मुताबिक, टीम मैनेजमेंट का यही नजरिया ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना बनाए रखने में मदद करता है।
FEAR DOESN’T EXIST IN MY DICTIONARY – GAUTAM GAMBHIR : “There is no word like ‘dar’ (fear) in my dictionary and directory. The way our boys handled the pressure, winning the first game after a 15-hour flight and just one practice session, was commendable.” https://t.co/HiS98OMKPy
— Sam (@cricsam02) November 1, 2026
‘मेरा काम सबको खुश करना नहीं, सही फैसले लेना है’
Gautam Gambhir ने अपने बयान में कहा, “मेरा काम सबको खुश करना नहीं है। मेरा काम सही फैसले लेना है, न कि लोकप्रिय फैसले। मैं यहां इसी जिम्मेदारी के लिए हूं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पर्याप्त समर्थन देना जरूरी है। उनके अनुसार, सिर्फ किसी खिलाड़ी को मौका देने के लिए फैसला करना आसान हो सकता है, लेकिन टीम के लिए जो सही है, उसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
गंभीर का मानना है कि खिलाड़ियों को यह भरोसा होना चाहिए कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने पर टीम मैनेजमेंट उनके साथ खड़ा रहेगा। इससे ड्रेसिंग रूम में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ स्थिरता भी बनी रहती है।
GAUTAM GAMBHIR PRAISES TEAM INDIA’S T20I SIDE AFTER A CHALLENGING NEW ZEALAND TOUR Gautam Gambhir said: “Among all our teams, the T20I squad faced the toughest challenge on this tour. While the Test and ODI players had sufficient time to get familiar with the conditions, our T20I players had very little preparation. Nearly 70–80% of the squad were playing in New Zealand for the first time. They had to adjust to completely different weather and playing conditions after travelling for 15 hours and attending just one practice session. Despite all these challenges, the way they performed against a strong New Zealand side was outstanding. Overcoming such a demanding tour while dealing with constant pressure is a remarkable achievement, and these players deserve massive appreciation.”
— HIMANI (@himanii_68) November 2, 2026
Vaibhav Sooryavanshi को मौका नहीं मिलने पर उठे सवाल
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में युवा बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi को केवल दो मुकाबलों में खेलने का अवसर मिला। उन्हें टीम में जगह ईशान किशन के चोटिल होने के कारण मिली थी। हालांकि, ईशान की वापसी के बाद वैभव को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया।
इस फैसले के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने युवा खिलाड़ी को लगातार मौके देने की मांग की। वहीं, गंभीर ने अपने बयान के जरिए यह संकेत दिया कि टीम चयन में खिलाड़ियों के पिछले प्रदर्शन और टीम की जरूरतों को भी ध्यान में रखा जाता है।
GAUTAM GAMBHIR ON HIS JOB. “First of all my job is not to make everyone happy. My job is to take the right decisions, not the popular decisions. And that is what I’m there for. Guys who have done phenomenally well over a longer period of time. Obviously deserves a longer rope. And that is exactly how we approach the series”.
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) November 1, 2026
Sanju Samson और Abhishek Sharma जैसे खिलाड़ियों ने भी शीर्ष क्रम में अपने प्रदर्शन से टीम में जगह मजबूत की है। ऐसे में युवा खिलाड़ियों के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं है।
कम तैयारी के बावजूद भारत ने जीती टी20 सीरीज
Gautam Gambhir ने न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने के लिए बहुत कम समय मिला था। भारतीय खिलाड़ी 20 अक्टूबर को न्यूजीलैंड पहुंचे थे और अगले ही दिन उन्हें अभ्यास का मौका मिला। इसके बाद 22 अक्टूबर को सीरीज का पहला मुकाबला खेला गया।
गंभीर के मुताबिक, लंबे हवाई सफर, अलग मौसम और न्यूजीलैंड की घरेलू परिस्थितियों के बीच खेलना आसान नहीं था। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पांच मैचों की सीरीज अपने नाम कर ली।
उन्होंने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि इस प्रदर्शन का पूरा श्रेय टीम को मिलना चाहिए। गंभीर ने इसे खिलाड़ियों के अनुशासन, मेहनत और जीतने की जिद का नतीजा बताया।
Shreyas Iyer की कप्तानी से भी प्रभावित हुए गंभीर
भारतीय कोच ने कप्तान Shreyas Iyer की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि गेंदबाजी विभाग में अनुभव की कमी होने के बावजूद श्रेयस ने उपलब्ध खिलाड़ियों का बेहतरीन इस्तेमाल किया।
गंभीर के अनुसार, कप्तान का प्रदर्शन काफी हद तक उसके बल्लेबाजों और गेंदबाजों के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। ऐसे में सीमित अनुभव वाले गेंदबाजी आक्रमण के साथ टीम को संभालना श्रेयस के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाई।
Head Coach Gautam Gambhir on the Captain taking over the baton and leading the side with clarity #TeamIndia | #NZvIND | @GautamGambhir | @ShreyasIyer15 https://t.co/TuSgQnp1ry
— BCCI (@BCCI) November 1, 2026
उन्होंने युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौके देने की जरूरत पर भी जोर दिया। गंभीर का मानना है कि अगले टी20 विश्व कप की तैयारी के लिए नए खिलाड़ियों को अभी से अनुभव देना जरूरी है।
लगातार दो हार के बावजूद भारत के नाम सीरीज
पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर अजेय बढ़त बना ली थी। हालांकि, न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैचों में वापसी करते हुए भारत को लगातार हराया।
पांचवें टी20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 192 रन का लक्ष्य दिया था। न्यूजीलैंड ने सात विकेट से मुकाबला जीत लिया और सीरीज का अंत जीत के साथ किया। इसके बावजूद शुरुआती तीन मैचों की बढ़त के कारण सीरीज भारत के नाम रही।
गंभीर ने खिलाड़ियों को याद दिलाया कि देश के लिए खेलते समय आत्मसंतुष्टि की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, हर मुकाबला कुछ नया सीखने और टीम के रूप में बेहतर बनने का अवसर होता है।

