शेयर बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी है। आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीद और टाटा समूह की ट्रेंट के बेहतर नतीजों के बाद निवेशकों की ओर से अच्छी मांग दिख रही है। सेंसेक्स और निफ्टी ने कारोबार की शुरुआत हरे निशान में की। उसके बाद दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 580.38 अंक तक चढ़कर 74,731.42 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछले बंद भाव से 173.75 अंक तक चढ़कर 23,110.50 के हाई तक गया।
एक दिन पहले सेंसेक्स 905.01 अंक या 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,151.04 पर बंद हुआ था। निफ्टी 237.90 अंक या 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,936.75 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को आई तेजी के अहम कारण…
IT शेयरों में खरीदारी
एशिया में ग्लोबल आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट के बीच निफ्टी IT इंडेक्स में 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। ऐसी चिंता जताई जा रही है कि AI पर भारी और बढ़ता खर्च शायद पर्याप्त रिटर्न न दे।एनालिस्ट AI से जुड़े स्टॉक्स में बिकवाली पर भारतीय IT कंपनियों को काफी डिफेंसिव बेनिफीशियरी के तौर पर देख रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि संभावना है कि कंपनियां महंगे इन-हाउस AI इनवेस्टमेंट के बजाय कॉस्ट-कटिंग, ऑटोमेशन और आउटसोर्सिंग को पसंद कर सकती हैं।
सितंबर 2026 तिमाही में कॉग्निजेंट के स्टेबल रिजल्ट्स भी IT स्टॉक्स में तेजी की एक अहम वजह हैं। कॉग्निजेंट का रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी में सालाना आधार पर 4.8% बढ़कर 5.66 अरब डॉलर हो गया। यह काफी हद तक अनुमान के मुताबिक रहा। बुकिंग 4% बढ़कर 28.7 अरब डॉलर हो गई।
रुपये में तेजी
रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 7 पैसे की बढ़त के साथ 95.19 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये की बढ़त को सीमित रखा। रुपया गुरुवार को 2 पैसे की बढ़त के साथ 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
चुनिंदा कंपनियों की अच्छी आय
पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स में 1% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अक्टूबर में अब तक निफ्टी में 1.6% और सेंसेक्स में 2.5% की बढ़त देखी गई है। जियोजीत इनवेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि चुनिंदा कंपनियों की आय में मजबूती और घरेलू मांग में स्थिरता से बाजार की व्यापक धारणा को सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

