मां की आराधना में 9 दिनों तक सीने पर रखा कलश, 10 वें दिन महिला की मौत, डॉक्‍टरों ने बताई मौत की वजह

मां की आराधना में 9 दिनों तक सीने पर रखा कलश, 10 वें दिन महिला की मौत, डॉक्‍टरों ने बताई मौत की वजह

bihar woman

बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में 9 दिनों तक छाती पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना करने वाली 35 वर्षीय महिला सचिता देवी की मौत हो गई है। महिला की अचानक मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। नौ दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद महिला की मौत की घटना से इलाके में शोक का माहौल है। घर के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दरअसल, सचिता देवी पति वीरेंद्र यादव ने शारदीय नवरात्र के दौरान लगातार 9 दिनों तक सीने पर कलश रखकर कठिन साधना की थी। नवरात्र संपन्न होने के बाद मंगलवार को वह घर लौटी थीं। रात में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और बुधवार सुबह सीने में तेज दर्द होने के बाद परिजन उन्हें त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

क्‍या कहा डॉक्टरों ने : ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर उमेश कुमार मंडल के अनुसार, मौत का संभावित कारण अत्यधिक डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और हृदय से जुड़ी समस्या हो सकता है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पूरी जांच के बाद ही हो सकेगी।

बताया जाता है कि त्रिवेणीगंज बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में महिला नौ दिनों तक छाती पर कलश रखकर माता की आराधना में डूबी थी. बीते मंगलवार (20 अक्टूबर, 2026) को पूजा समाप्त होने के बाद महिला अपने घर लौटी थी. रात में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई!

नवरात्र संपन्‍न होने के बाद बुधवार की सुबह सीने में दर्द की शिकायत के बाद परिजन महिला को लेकर त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे थे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, सचिता देवी नवरात्र के पहले दिन से ही दुर्गा मंदिर परिसर में छाती पर कलश रखकर माता की भक्ति में लीन थीं। मंगलवार की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें थोड़ी राहत मिल गई थी। बुधवार की सुबह सीने में फिर से दर्द होने लगा। इसके बाद लोग अस्पताल ले गए लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।