
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या में दर्शन से लेकर चढ़ावे तक की पूरी व्यवस्था को अब और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और पेशेवर बनाया जा रहा है। मंदिर ट्रस्ट के नवनियुक्त पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने पदभार संभालते ही कई सख्त और बड़े प्रशासनिक बदलाव लागू कर दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन की कतारें 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई हैं और सुगम दर्शन का कोटा बढ़ाकर 2000 कर दिया गया है।
वहीं, दान और चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी व चोरी रोकने के लिए कर्मचारियों के लिए ‘बिना जेब की स्पेशल ड्रेस’ अनिवार्य करने के साथ-साथ CCTV बैकअप अवधि को 45 दिनों से बढ़ाकर सीधा 190 दिन कर दिया गया है। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक परंपराओं के निर्णय समिति के पास ही रहेंगे, जबकि नया प्रशासनिक मॉडल सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने पर केंद्रित होगा। ALSO READ: अयोध्या में 33 लाख दीयों से जगमगाएगी रामनगरी, 5 से 7 नवंबर तक होगा भव्य 10वां दीपोत्सव
दर्शन और पास व्यवस्था में हुए मुख्य बदलाव
- सुगम दर्शन पास का कोटा बढ़ा : सुगम दर्शन पास का कोटा बढ़ाकर 2000 कर दिया गया है। एडवांस बुकिंग पर सुरक्षा जांच के बाद 24 से 48 घंटे के भीतर पुष्टि मिलेगी। यह पास पूरी तरह नि:शुल्क हैं।
- तत्काल पास सुविधा : अचानक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ‘तत्काल पास’ शुरू किया गया है, जिसमें बिना किसी प्रतीक्षा के तुरंत पुष्टि होगी।
- आरक्षित वर्ग : 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों और 3 वर्ष से छोटे बच्चों के अभिभावकों के लिए निर्धारित काउंटरों से पास जारी होते रहेंगे।
- आरती पास अनिवार्य : मंगला, शृंगार और शयन आरती में शामिल होने के लिए पास पहले की तरह अनिवार्य रहेंगे।
- कतारों की व्यवस्था : भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा जांच को सुगम बनाने के लिए दर्शन की कतारें 5 से बढ़ाकर 7 कर दी गई हैं।
- हेल्पलाइन नंबर व शिकायत केंद्र : दलालों और अवैध वसूली को रोकने के लिए समर्पित नंबर और ईमेल जारी।
- हेल्पलाइन : 80095 22111
- ईमेल : report@srjbtk.org
दान और चढ़ावे की गिनती में पारदर्शिता
CCTV बैकअप 190 दिन : दान गणना स्थल पर सीसीटीवी निगरानी को व्यापक बनाया गया है। अब सीसीटीवी फुटेज 45 दिन के बजाय 190 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा।
बिना जेब वाली स्पेशल ड्रेस (ड्रेस कोड) : चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले अलग-अलग ड्रेस कोड लागू किए जा रहे हैं।
गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध : दान गणना कक्ष में मोबाइल, घड़ी या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
बैंक तक कड़ी निगरानी : दान स्थल से लेकर बैंक तक नकदी पहुंचने की पूरी प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में होगी और इसका व्यवस्थित रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।
कर्मचारियों की सीमा : दान गणना के लिए कुल 43 कर्मचारी निर्धारित किए गए हैं।
सुरक्षा और कर्मचारियों का प्रबंधन
- एंट्री रजिस्टर अनिवार्य : यात्री सुविधा केंद्र (PFC) और मंदिर परिसर में प्रवेश करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए रजिस्टर में प्रविष्टि (Entry) अनिवार्य कर दी गई है।
- अनधिकृत प्रवेश पर रोक : दान गणना कक्ष की ओर किसी भी अनधिकृत कर्मी के जाने पर सख्त पाबंदी है।
- सेवा अनुसार अलग पहचान : अलग-अलग विभागों (दान, पास, लॉकर, सेवा केंद्र आदि) के कर्मचारियों की वेशभूषा अलग होगी, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भी कर्मचारियों की तुरंत पहचान हो सके। ALSO READ: अयोध्या का वैभव सात समंदर पार, रूसी बोले- दोनों देशों को जोड़ रही श्रीराम की लीला
रामभक्तों से CEO की अपील
नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्र ने कहा कि वे फिलहाल मंदिर की पूरी व्यवस्था और कार्यप्रणाली को समझ रहे हैं। ट्रस्ट के मार्गदर्शन में जल्द ही नई रणनीति और SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) लागू की जाएगी। उन्होंने सभी रामभक्तों से विश्वास और आशीर्वाद बनाए रखने की अपील की है।


