
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि अगर देश में इमरजेंसी लगानी है, तो आधिकारिक तौर पर घोषित करें। जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के लिए लोगों को हिरासत में भेजना अघोषित इमरजेंसी जैसा है।
दिपके ने आरोप लगाया कि सौरव, आशुतोष और अजिंक्य शिंदे को हिरासत के दौरान वकीलों से मिलने तक नहीं दिया गया। उन्होंने पूछा कि आखिर उनका अपराध क्या था? इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शनों पर दिपके ने कहा कि सभी का मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाना है, जिन पर उन्होंने चुनावों में गड़बड़ी कर नरेंद्र मोदी को सत्ता में बनाए रखने में मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजेपी एक स्वतंत्र दबाव समूह है, लेकिन इसका मतलब इंडिया ब्लॉक का विरोध करना नहीं है।
क्या बोले अजिंक्य शिंदे?
जेल बांड भरकर बाहर आए सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि वह, आशुतोष रांका और सौरव दास पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ भारतीय तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। इसी वजह से सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने इसकी तुलना अंग्रेजों के शासनकाल से करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान भी क्रांतिकारियों को तिरंगा लहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने पर जेल भेजा जाता था।
शिंदे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मोदी-शाह की सरकार भी उसी तरह काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आशुतोष रांका के जन्मदिन पर उन्हें जेल भेजा गया। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपनी ताकत का दुरुपयोग कर लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार को हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेताओं पर शिकंजा कस गया है। दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत ने CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने के आदेश दिए हैं। इन दोनों नेताओं पर पहले से तय बेल बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन का गंभीर आरोप है। वहीं, इसी मामले में शामिल तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को राहत देते हुए अदालत ने नया बेल बॉन्ड भरवाकर छोड़ दिया है।


